इष्ट का विलोम शब्द क्या है Esht ka vilom shabd kya hai ?

इष्ट का विलोम शब्द या इष्ट का विलोम , इष्ट का उल्टा क्या होता है ? Esht ka vilom shabd

शब्दविलोम शब्द
इष्टअनिष्ट
EshtAnisht

‌‌‌इष्ट का विलोम शब्द और अर्थ

‌‌‌इष्ट का विलोम शब्द और अर्थ

दोस्तों इष्ट का विलोम शब्द अनिष्ट होता है।इष्ट का मतलब होता है आपका चाहा हुआ । आप जिसे चाहते हैं उसके लिए इष्ट कहा जाता है। जैसे कि आप बाजार जाते हैं तो आपको कोई वस्तु पसंद आ जाती है तो उसके लिए कहेंगे इष्ट वस्तु । इसी तरह से अपने पसंद के देवता को इष्ट ‌‌‌ देवता कहा जाता है। आपको पता ही होगा कि घर का इष्ट देवता होता है। और यह भी संभव है कि हर घर के सदस्य का अपना इष्ट देव होता है। जैसे कि कोई शिव को पूजता है तो कोई रामदेवजी को । इसी प्रकार से कोई किसी पीर को पूजता है। इष्ट देवता भी काफी उपयोगी होते हैं। यह देवता आपके जीवन को सरल बनाने का काम ‌‌‌ करते हैं।

‌‌‌जैसे कि आपके जीवन के अंदर कई तरह की परेशानियां आती रहती हैं।आपके इष्ट आपको परेशानियों से बचाने का काम करते हैं। जब आप किसी परेशानी मे होते हैं तो जितनी मदद उनसे होती है उतनी मदद वे करते हैं। हालांकि पूरी तरह से कोई भी आपको परेशानियों से बचाने मे सफल नहीं हो सकता है।

‌‌‌यदि आपको नहीं पता है कि आपका इष्ट देवता कौनसा है ? तो आप इसको इसको एक सरल तरीके से जान सकते हैं।इसके लिए आपको अधिक कुछ नहीं करना होगा । बस अपने मन के अंदर देखें कि आप किस देवता को सबसे अधिक पसंद करते हैं। बस आप जिस देवता को अधिक पसंद करते हैं। वही आपका इष्ट होता है।

‌‌‌यह भी संभव है कि आपके घर के अंदर अनेक देवताओं की पूजा होती होगी । लेकिन आपके मन के अंदर एक देवता बैठा हुआ होगा और आपको खास तौर पर उसी की पूजा करनी चाहिए । आमतौर पर आपके इष्ट आपको भोग देते हैं। या यह हम कह सकते हैं कि यह आपके जीवन को चलाना काफी आसान बनाने का काम करते हैं।

‌‌‌आपने देखा होगा कि इनकी शक्ति से बड़ी बड़ी गांठे भी ठीक हो जाती हैं और आपको इसके अंदर एक रूपया भी खर्च नहीं करना पड़ता है। मेरी मम्मी को गांठ की समस्या थी तो उसके बाद हनुमानजी की कृपा से वह गांठ ठीक हो गई ।

‌‌‌यदि हम उसी गांठ को लेकर किसी डॉक्टर के पास जाते तो वह कम से कम चालिस हजार रूपये लेलेता । और हम जैसे गरीब लोंगों के पास इतने पैसे कहां से आएंगे।

‌‌‌आपको यह पता होना चाहिए कि आपके इष्ट देवता किसी भी द्रष्टि से आपके लिए नुकसान दायी नहीं है। बस आपको उनकी पूजा करनी होगी यदि आप समय समय उनको याद करते हैं तो जरूरत पड़ने पर वे आपकी मदद जरूर करते हैं और उनसे जो बन पड़ता है वह करते ही हैं।

‌‌‌लेकिन बहुत से लोग इष्ट मे भरोशा नहीं करते हैं उनको यह लगता है कि अस्पताल मे ही सब कुछ होता है लेकिन आपको पता होना चाहिए कि मेरे हुए लोग तक जिंदा हो जाते हैं आपके डॉक्टर बस आपसे पैसा वसूलने पर ज्यादा भरोशा करते हैं।

‌‌‌इस प्रकार दोस्तों इष्ट का मतलब होता है जो आप चाहते हैं या जो आप पसंद करते हैं। यह जरूरी नहीं है कि देवता ही होता है। यह काई भी हो सकता है। बस हम सभी चीजों के बारे मे आपको यहां पर नहीं बता सकते हैं।

‌‌‌अनिष्ट का अर्थ और मतलब

दोस्तों एक शब्द के अंदर कहें तो अनिष्ट का मतलब होता है बुरा ।कोई भी इंसान नहीं चाहता है कि उसके साथ बुरा हो । लेकिन उसके बाद ही बुरा हो ही जाता है।

क्योंकि बुरा और अच्छा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। आप यह नहीं कह सकते हैं कि आपके साथ बुरा होगा ही नहीं जो भगवान ‌‌‌ के भगत होते हैं उनके साथ भी बुरा हो जाता है।आपके साथ जो बुरा होता है वह भी आपके कर्मों का फल होता है। बहुत से लोग यह कहते हैं कि उनके साथ बुरा ही बुरा हो रहा है लेकिन उन्होंने आज तक किसी का दिल नहीं दुखाया तो इसका उत्तर यह है कि हो सकता है कि इस जन्म के अंदर उन्होंने किसी का बुरा नहीं ‌‌‌ किया लेकिन पिछला जन्म के अंदर उन्होंने क्या किया था ? इसके बारे मे क्या उनको याद है ? खैर अच्छा और बुरा तो यूं ही चलता रहता है। कुछ साल पहले की बात है दो साधु रात के अंदर कार चलाकर आ रहे थे । और रात मे कुछ ग्रामिणों ने उनको चोर समझ लिया और उनको पीटने के लिए दौड़े वे किसी तरह से अपनी ‌‌‌ जांन बचाने के लिए भागे और पुलिस के पास गए लेकिन पुलिस के बारे मे तो आपको पता ही है तो पुलिस ने भी उनको बचाने से मना कर दिया तो लोगों ने उनको पीट पीट कर मार डाला । कोर्ट ने सबको बरी कर दिया लेकिन जो लोगों ने कर्म किया उससे वे बच नहीं सकते हैं। एक ना एक दिन उनको उनके इन कर्मों की सजा ‌‌‌भुगतनी ही होगी ।कुछ लोग दूसरों की हत्या करके काफी खुश होते हैं लेकिन उनको यह समझना चाहिए कि वे सर्वे सर्वा नहीं है। नैचर सब का हिसाब रखती है। एक दिन उनका भी आएगा जब उनको बदला चुकाना होगा और जब नैचर न्याय करता है तो फिर सारे तर्क फैल हो जाते हैं। भेल ही पैसे वाले कोर्ट के फैसले को बदल देते ‌‌‌ हैं लेकिन इस नेचर के सामने वे भी पानी भरते हैं। आपको यह पता होना चाहिए कि जब भारत विभाजन हुआ तो लाखों लोगों का कत्ल हुआ और इसके लिए जिन्ना जिम्मेदार था तो उसके बाद जब उसकी मौत का समय आया तो वह पागल हो गया था।

‌‌‌और मरते वक्त जिन्ना को अफसोस था। उसने कहा था कि पाकिस्तान को बनाना उसकी आखिरी भूल थी।और ऐसा सुनने मे आया था कि जिन्ना मरते समय भारत आना चाहता था लेकिन पाकिस्तान ने इसकी अनुमति प्रदान नहीं की थी उनका मानना था कि यदि ऐसा हुआ तो उनके अलग राष्ट्र के सपने को झटका लग सकता है।

‌‌‌दोस्तों आप इतिहास उठाकर देखलों जो दूसरों को बेवजह कष्ट देते हैं।उनका अंत भी उतना ही कष्टदायीद होता है। यह बाद हमेशा याद रखना ।

इष्ट का विलोम शब्द या इष्ट का विलोम , इष्ट का उल्टा क्या होता है ? Esht ka vilom shabd

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