diwali ke din nevla dekhna kaisa hota hai-नमस्कार दोंस्तों कैसे हो आप सब आज हम बात करने वाले हैं कि दिवाली के दिन नेवले को देखना कैसा होता है ? असल मे नेवले को यदि आप दिवाली के दिन को देखते हैं। तो यह एक बहुत ही अच्छा और शुभ संकेत माना जाता है। यह माना जाता है कि आपको फायदा ही फायदा होने वाला है। लेकिन वो लोग काफी किस्मत वाले होते हैं। जिनको दिवाली के दिन नेवला दिखाई देता है। यदि आपने भी दिवाली के दिन नेवला देखा है , तो इसका क्या मतलब होता है ? इसके उपर एक एक करते हुए बात करते हैं।
कुबेर का आशीर्वाद मिलना।
दोस्तों नेवले को कुबेर का वाहन माना जाता है। और यदि आपको दिवाली के दिन यह दिखाई दे जाता है , तो इसका मतलब यह है कि आपसे कुबरे देवता काफी अधिक प्रसन्न हैं। और वैसे भी दिवाली के उपर धन की पूजा होती है। तो यह घर मे धन आने का संकेत है। इसके अलावा लोग यह मानते हैं कि इससे आपका भाग्य बेहतर होता है। और घर से गरीबी भी दूर होती है।
छिपा हुआ धन मिलने का संकेत

दोस्तों आपको भी यह पता है कि नेवला जमीन के नीचे घास और झाड़ियों के अंदर रहना पसंद करता है। जोकि छिपे हुए धन का प्रतीक माना जाता है। ऐसी स्थितियों के अंदर यह इस बात का संकेत देता है कि आपको छिपा हुआ धन मिल सकता है। या फिर यह कहा जा सकता है , कि आपके पास कहीं से धन आ सकता है। नेवला के मुंह में रत्न या सिक्का होता है, जो सीधे धन का प्रतीक है। यानी यह संकेत है कि आपको ऐसा पैसा मिल सकता है जिसकी आपने उम्मीद नहीं की थी।
सकारात्मकता को लेकर आता है।
वैसे देखा जाए तो यह एक अलग किस्म का फायदा है। जब हमको नेवला दिखाई देता है , तो हमको पता है कि यह एक तरह का शुभ संकेत है। और इस तरह से हमारे मन के अंदर यह सकारात्मकता को पैदा करने का काम करता है। एक तरह से इससे हमारे अंदर का मनोबल मजबूत होता है। और मन को सकून मिलता है। इंसान को लगने लग जाता है , कि चलो कुछ अच्छा ही होगा ।
घर में लक्ष्मी का आगमन।
दोस्तों यदि दिवाली के दिन आपको घर के दरवाजे के उपर नेवला दिखाई देता है , तो यह इस बात का संकेत माना जाता है , कि आपके घर के अंदर माता लक्ष्मी का प्रवेश होने वाला है। वैसे भी दिवाली पर लक्ष्मी की पूजा की जाती है। घर में धन आएगा, बरकत होगी और परिवार की आर्थिक हालत सुधरेगी। मतलब यही है कि आपके घर के अंदर धन की कोई कमी नहीं होगी ।
काम और फसल की सुरक्षा।

दोस्तों आपको पता ही है कि नेवला एक अच्छा जीव है। यह किसानों का मित्र कहा जा सकता है। यह सांप और चूहों को खाता है , और फसल की रक्षा करता है। पुराने जमाने के अंदर यह कहा जाता था , कि यदि किसी किसान को दिवाली पर नेवला दिखाई देता था , तो इसका मतलब यह था कि उनकी फसल अच्छी होगी और मेहनत का पूरा फायदा मिलेगा ।
नौकरी में प्रमोशन या वेतन वृद्धि
कुछ नौकरीपेशा लोग भी अनजाने में ऐसे संयोगों को याद रखते हैं कि जिस साल उन्हें दिवाली पर नेवला दिखा था, उसी साल उन्हें ऑफिस में प्रमोशन मिल गया या उनकी सैलरी बढ़ गई। इस तरह के अनुभव कई लोगों को हुए हैं।
तो दोस्तों दिवाली के दिन यदि आपको नेवला दिखाई देता है ,तो इसका क्या मतलब होता है ? इसके बारे मे हम आपको उपर बता चुके हैं। हालांकि यह सिर्फ मान्यताएं हैं। और आपको भी यह पता होगा कि मान्यताएं कोई वैज्ञानिक रूल्स नहीं होते हैं। वे अधिकतर केस मे सच हो सकती हैं। लेकिन हमेशा नहीं ।
कई लोगों ने दिवाली पर नेवला देखने को शुभ होने का दावा किया ।
दोस्तों हमने इस जानकारी को लिखने से पहले काफी रिसर्च किया तो हमें यह पता चला कि दिवाली के दिन यदि कोई नेवला किसी दुकान के सामने आता है। या उसके अंदर घुस जाता है , तो यह उस दुकानदार के लिए सोने पर सुहागे वाली बात होती है। क्योंकि माना जाता है कि वह दुकाने आने वाले दिनों मे चमकने वाली है।
पुराने बाजारों (जैसे पुरानी दिल्ली, सदर बाजार, कानपुर या किसी भी स्थानीय गल्ला मंडी) में व्यापारी लोग अक्सर चाय की दुकान पर बैठ कर कुछ इसी तरह की कहानियां सुनाते हैं कि अरे फलां दुकान वाले लालाजी की दुकान की सीढ़ियों पर पीछली साल नेवला बैठा था , और उसके बाद तो उनकी दुकान इतनी अच्छी तरह से चली कि उनको सामान रखने के लिए एक और दुकान किराये पर लेनी पड़ी ।
व्हाट्सएप ग्रुप्स या कम्युनिटी पोस्ट्स में लोग लिखते हैं कि — “मेरे दोस्त के साथ पिछले साल दिवाली की दोपहर को यही हुआ था। घर के पास नेवला घूमता दिखा। उसके ठीक दो दिन बाद उसकी सरकारी नौकरी का फाइनल रिजल्ट आ गया, जिसमें उसका सेलेक्शन हो गया। हालांकि हम इस तरह के दावों की पूरी तरह से पुष्टि नहीं कर सकते हैं। लेकिन अक्सर इस तरह की कहानियां आपको कई जगहों पर आसानी से मिल जाती है।
| श्रेणी / समूह | रफ अनुमान (%) | स्थिति / लोगों की सोच |
| पारंपरिक ग्रामीण और कस्बा वासी | 70% – 80% | इस वर्ग के लोग पुरानी मान्यताओं और शकुन-अपशकुन पर बहुत ज्यादा भरोसा करते हैं, इसलिए वे इसे सीधा मां लक्ष्मी की कृपा मानते हैं। |
| पारंपरिक व्यापारी और दुकानदार | 50% – 60% | पुराने ख्यालों के व्यापारी वर्ग में यह धारणा आज भी काफी मजबूत है कि ऐसे जीव धन-दौलत या व्यापार में वृद्धि का संकेत देते हैं। |
| शहरी और युवा वर्ग | 15% – 25% | आधुनिक और युवा पीढ़ी इन बातों को ज्यादा तवज्जो नहीं देती; वे इसे महज एक इत्तेफाक या अंधविश्वास मानती है। |
| कुल मिलाकर औसत (Rough Average) | ~45% – 50% | अगर कुल आबादी (खासकर भारत के संदर्भ में) का एक मोटा अनुमान लगाया जाए, तो लगभग आधे लोग इसे पारंपरिक रूप से शुभ या चमत्कारिक मानते हैं, जबकि आधे इसे नहीं मानते। |
दिवाली के दिन नेवला को देखना आप किस तरह से देखते हैं। इसके बारे मे हमको अपनी राय नीचे कमेंट के अंदर जरूर ही बताएं । ताकि दूसरे लोगों की मदद हो सके । यदि आपके मन के अंदर कोई सवाल है , तो वो भी आप हमें बता सकते हैं। हम आपके सवाल का जवाब देने का प्रयास करेंगे।
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“नमस्ते, मैं हूं शंकर। शब्दों की दुनिया में मेरी यात्रा के एक दशक पूरे हो चुके हैं, जहां मैंने विभिन्न प्रमुख समाचार ब्लॉग्स के लिए लेखन किया है। लेकिन समाचार की औपचारिकता और तथ्यों के बीच, मेरे मन का एक कोमल कोना हमेशा से शायरी के लिए ही धड़कता रहा है।
मेरी कलम से निकली ये शायरी जिंदगी के हर रंग, हर एहसास – खुशी, गम, इश्क, और उम्मीद की कहानी कहती है। अगर आप भी शब्दों के जादू में विश्वास रखते हैं और शायरी पढ़ना अपनी दिनचर्या का एक प्यारा-सा हिस्सा मानते हैं, तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं।
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शंकर”
“10+ साल के लेखन अनुभव वाला एक शायर दिल। समाचार ब्लॉग्स की दुनिया के बाद, अब पेश कर रहा हूं आपके लिए दिल को छू लेने वाली शायरी। अगर आपको भी है शायरी से प्यार, तो जुड़े रहिए और अपने दोस्तों को भी बताइए। #Shayari #HindiPoetry”
