बिजली का पर्यायवाची शब्द क्या है

दोस्तो इस लेख मे आपको बिजली का पर्यायवाची शब्द bijli ka paryayvachi shabd या बिजली का समानार्थी शब्द bijli ka samanarthi shabd के बारे मे जानकारी देखने को मिलेगी  इसके अलावा लेख मे बताया गया है की बिजली क्या होती है और इसके बारे मे और भी बहुत कुछ बताया गया है तो आप लेख आराम से पढे 

बिजली का पर्यायवा‌‌‌ची शब्द या बिजली का समानार्थी शब्द {bijli ka paryayvachi shabd ya bijli ka samanarthi shabd}

 शब्द { shabd} पर्यायवा‌‌‌ची शब्द या समानार्थी शब्द {paryayvachi shabd / bijli ka samanarthi shabd}
बिजलीतड़ित्, दामिनी, चंचला, इन्द्रवज्र, सौदामिनी, क्षणिका, बीजुरी, इलेक्ट्रिसिटी, क्षणप्रभा, घनप्रिया, पावर, विद्युत्, अशनि, शंपा, कौंधा, गाज, करका, ऐरावती, शया, घनवल्ली, वज्र,  आकाशीय बिजली, विद्युत धारा, वज्रपात, बजली गिरना, वज्र गिरना, गर्जन, ‌‌‌आसमानी बिजली ।
BIJLITadit, Damini, chanchala, indravajr, Saudamini, kshanika, Bijuri, Electricity, Ghanpriya, Power, vidyut, ashni, shampa, kaundha, gaaj, airavati, shaya, ghanvalli, ‌‌‌ aasmani bijli,
elsectricityelectricity, lightning, lighting, electrical energy, Levin, lighting, Power, Electric, electrical current, current, sky lightning, rain lightning, high electricity, high power, low power, low electricity,  low lightning, low energy, low Electric, low current, low Levin.
बिजली का पर्यायवाची शब्द क्या है

‌‌‌बिजली के पर्यायवाची शब्द का वाक्य में प्रयोग

  • ताडित के पडने से रामलाल का बडा नुकसान हो गया ।
  • आज तो ‌‌‌मौसम बडा खराब है बहुत अधिक दामिनी चमक रही है ।
  • बरसात के साथ साथ विद्युत् इस तरह से चमक रही थी की धरीती पर रोशनी छा गई ।
  • बरसात के समय अकसर आसमानी बिजली चमकती है ।
  • ‌‌‌आज तो इस तरह से गर्जन हो रही है जैसे मानो की आसमानी बिजली जमीन पर पडकर ही मानेगी ।
  • वर्षा के समय बाहर नही जाना चाहिए क्या पता ‌‌‌की बिजली ‌‌‌पड जाए ।
  • एक बार रामलाल के घर बिजली पडी थी तो सभी पेड पोधे और जीव जंतु तक नष्ट हो गए मगर रामलाल का परिवार घर पर नही था जिसके कारण से उन्हे कुछ नुकसान नही ‌‌‌पहुंचा ।
  • मुझे तो बिजली की आवाज से भी डर लग जाता है ।

‌‌‌बिजली के बारे मे रोचक तथ्य bijli ke bare me rochak tathy

  • बिजली का नाम सुनते ही आसमान मे वर्षा के समय चमकने वाली रोशनी याद आ जाती है । मगर वर्तमान मे आसमान मे चमकने वाली रोशनी को ही बिजली नही कहा जाता बल्की मनुष्य भी अपने उपयोग के लिए इसे बनाने लगा है । जिसके कारण से आज मनुष्य रात को भी रोशनी मे रहता है । ‌‌‌इसे भी बिजली कहा जाता है ।
  • ‌‌‌ ‌‌‌‌‌‌भारत बिजली उत्पादन मे तिसरे नम्बर पर है और पहले नम्बर पर चिन है ।
  • 24 july 1879 को भारत के कोलकता शहर मे सबसे ‌‌‌पहली बार बिजली का ‌‌‌उपयोग हुआ था ।
  • बिजली का ‌‌‌महत्व आज हर किसी ‌‌‌के जीवन मे है क्योकी हर कोई अपने जीवन मे उजाला चाहता है । जिसके कारण से हर कोई बिजली का उपयोग करता है । जिसके कारण से बिजली पृथ्वी के हर हिस्से मे बनाई जाती है । मगर चीन एक ऐसा देश है जहां पर सबसे अधिक बिजली बनाई जाती है ।
  • विश्व मे सबसे अधिक बिजली खर्च करने वाला देश आइसलैंड है ।
  • इथियोपिया में सबसे पहली बार 1896 मे बिजली का उत्पादन शुरू किया गया था ।
  • bongo नाम का एक जानवर है जो अफ्रीका मे पाया जाता है । यह जानवर अपना पेट भरने के लिए जीन लकडियो को खाता है उन लकडियो पर पहले से बिजली पडी हुई होती है ।
  • अकसर आसमान की बिजली के चमकने मात्र पूरा आसमान दिखने लग जाता है । इसका कारण है की बिजली में 10 करोड वोल्ट ऊर्जा पाई जाती है जिसके कारण से आसमान भी चमक जाता है ।
  • 10 करोड वोल्ट बिजली जब किसी मनुष्य पर पड जाती है तो वह पल भर मे जल कर राख बन सकता है ।
  • पृथ्वी पर भी बिजली बनाई जाने लगी है जिसमे से पानी एक ऐसा साधन है जिसके कारण से दुनिया मे सबसे अधिक बिजली बनाई जाती है ।
  • fulminology एक ऐसा सबजेक्ट है जो आसमानी बिजली के बारे मे ज्ञान देता है ।
  • दुनिया मे सबसे पहली बार बनाए गए Pearl street Station नाम के पावर प्लांट मे कुल 85 लोगो को बिजली प्रदान की थी ।
  • भारत के ‌‌‌एक वर्ष का आकडा निकाले तो पता चलता है की लगभग 3500 लोग ‌‌‌हर बार बिजली गिरने से मर जाते है ।
  • एडिसन ने एक ऐसी कुर्सी का आविश्कार किया जिस पर बेठने पर करंट लगता है । वर्तमान मे इस कुर्सी का उपयोग गुनगारो को सजा देने के लिए किया जाता है ।
  • आपको जान कर ‌‌‌हैरानी होगी की बिजली महिलाओ से ज्यादा पुरूषो पर ‌‌‌गिरती है।
  • वर्तमान मे बिजली बनाने के लिए सोलर प्लेट का भी उपयोग होने लगा है ।
  • जब आसमान मे बिजली चमकती हुई दिखाई देती है तो वह चमकती नही है बल्की वह गिरती है मगर हर बार बिजली पृथ्वी पर नही गिरती बल्की बादलो के बिच मे ही रह जाती है जिसके कारण से हमे बिजली चमकती हुई दिखाई देती है ।
  • 1882 मे ‌‌‌अमेरिका मे दुनिया का सबसे पहले पावर प्लांट बनाया गया था ।
  • इलेक्ट्रिक ईल एक प्रकार की मछली है जो बिजली उत्पादन करती है ।
  • अगर आप बिजली के एक तार को पकडे लटके हुए हो तो आपको करंट नहीं ‌‌‌लगेगा बल्की दुसरे तार को छुते ही आपको करंट लग जाता है ।
  • आसमान मे चमकने वाली बिजली का तापमान 30,000°C ‌‌‌तक होता है । जिसके ताप के कारण से न केवल मनुष्य को नुकसान पहुंचता है बल्की धरती पर रहने वाले बाकी जीवो को भी कष्ट झेलना पड सकता है ।
  • बिजली तूफान के कारण से भी गिर सकती है ।
  • जब एक सुचना मनुष्य के दुसरे अंग तक जाती है तो बिजली का उपयोग होता है इस कारण से कह सकते है मनुष्य मे भी बिजली पाई जाती है ।
  • ‌‌‌बिजली चमकने की सबसे अधिक चमक अर्जेंटीना मे 2018 और 2019 मे दिखाई दी थी । उस समय बिजली कुल 16.74 सेकंड तक चमकी थी ।
  • भारत मे सबसे पहले बिजली बेंगलुरु शहर मे आई थी फिर अन्य देशो मे संचार शुरू किया गया ।

‌‌‌ बिजली गिरने की महत्वपूर्ण घटनाएं

बिजली एक तरह की तरंग होती है जिसके अंदर एक ऊर्जा होती है जिसकी चपेट मे आने से मनुष्य को ही नही बल्की पेड पोधो को भी नुकसान पहुंच जाता है । बिजली दो तरह की होती है एक जो आकाशिय बिजली और दूसरी कृत्रिम बिजली । आकाशिय बिजली अपने आप बनती है और इसी के विपरीत कृत्रिम ‌‌‌बिजली मानव अपने उपयोग के लिए बनाता है । जैसे किसी वाहन को चलाना या रोशनी करना या इलेक्ट्रोनिक वस्तु को चलाने के लिए आदी ।

मगर इन सब के कारण से कभी कभी कुछ बडी घटनाए हो जाती है जिसे बिजली की घटना के नाम से ही जाना जाता है । ‌‌‌इसी तरह से आसमानी बिजली जब धरती गिरती है तो उससे बहुत बडा नुकसान पहुंता है । यहां तक की बिजली के चपेट मे आने से मनुष्य मर भी सकता है । इसी तरह की कुछ घटनाए है जो बिजली के कारण से होती है –

  • ‌‌‌बिजली गिरने से लोग ही नही बल्की जानवरो को भी नुकसान सहना पडता है इसी तरह की घटना असम के नौ गांव मे हुई थी । जिसके कारण से कुल 18 हाथियो को अपना जीवन छोडना पडा । इस घटना के बारे मे 14 मई, 2021 को पता चला ।
  • आपको यह जानकर ‌‌‌हैरानी होगी की Roy Cleveland Sullivan के नाम के एक व्यक्ति पर 1942 और 1977 के बिच मे कुल सात बार बिजली पडी थी और यह व्यक्ति हर बार बच गया ।
  • ‌‌‌भारत मे अकसर बिजली गिरने से लोगो की ‌‌‌मृत्यु होती ही रहती है इसी तरह की घटना बिहार में 25 जून, 2020 देखने को मिली थी । इस समय बिजली गिरने से कुल 92 लोगो की ‌‌‌मृत्यु हो गई थी। ‌‌‌

  • ‌‌‌यूपी मे बिजली पडने के कारण से दूर तक चमक नजर आई । साथ ही बिजली के पडने के कारण से कुल 24 लोगो की ‌‌‌मृत्यु हुई थी । इसकी चपेट मे आने के कारण से 12 लोग घायल भी हो गए थे । यूपी की यह घटना 26 जून, 2020 को पता चली थी ।
  • बिहार मे 27 जुन 2021 को एक बहुत ही भयानक बिजली ‌‌‌पडी जिसके कारण से कुल पांच बच्चो की ‌‌‌मृत्यु हुई थी ।
  • पश्चिम बंगाल के मर्शिदाबाद शहर मे 6 जून 2021 को बिजली गिरने के कारण से लोगो की जान ‌‌‌चली गई थी । जब पूरी जांच पडताल की गई तो पता चला की यह बिजली मुर्शिदाबाद और हुगली दोनो मे पडी थी ।
  • भारत के झारखंड मे 8 जून 2021 को बिजली गिरने से एक बालक की ‌‌‌मृत्यु हो गई थी । यह बालक कुल 10 वर्ष का ही था ।
  • 3 जुलाई, 2020 बिहार मे एक मामला सामने आया जिसके 26 लोगो की जान बिजली पडने से चली गई थी ।
  • 2 जुलाई, 2020 को एक मामला उत्तर प्रदेश मे से भी सामने आया जिसके कारण से बिजली पडने से 5 लोगो की ‌‌‌मृत्यु हो गई । इसके अलावा 10 लोग बिजली के चपेट मे आने से घायल हो गए ।
  • ‌‌‌दुनिया के हर इलाके मे बिजली पडती रहती है । और लोगो को भारी नुकसान पहुंचता है । दुनिया मे एक वर्ष मे 2 लाख 40 हज़ार घटनाएं बिजली पडने की देखने को मिल जाती है । इसी के चलते दुनिया मे कुल 6,000 लोगो की ‌‌‌मृत्यु भी हो जाते है ।
  • ‌‌‌भारत मे भी बिजली गिरनी आम बात है जिसके कारण से पूरे साल मे कुल 2000 लोगो की जान चली जाती है ।
  • भारत मे अगर 2019 के आकडे देखे तो पता चलता है की कुल 1300 लोगो की जान बिजली पडने से चली गई थी ।
  • दक्षिण अमेरिका मे सबसे अधिक बिजली पडने की घटना समाने आती है ।

‌‌‌बिजली की उत्पत्ति bijali ki utpatti

बिजली की बात करे तो पहले बिजली को दो भागो मे बाटा जाता है जिनमे से पहली तडित जिसे आकाशीय बिजली के नाम से भी जाना जाता है और दुसरी पृथ्वी पर बनाई जाने वाली बिजली । ‌‌‌कृत्रिम बिजली का उत्पादन 1820 में सबसे पहले पृथ्वी पर बिजली बानाने की खोज माइकेल फैराडे ने की थी । इन्होने बताया की किसी तार की एक कुण्डली को लेकर उसे चुम्बकीय क्षेत्र मे घुमाया जाता है तो विद्युत उत्पन्न होती है। माइकेल फैराडे की इस विधी का उपयोग कर कर आज बिजली घर मे बिजली बनाई ‌‌‌जाती है । इन दोनो की उत्पत्ति कैसे होती है यह एक बहुत बडा सवाल है ।

आकाशीय बिजली की कैसे उत्पत्ति होती है

‌‌‌आसमान मे चमकने वाली बिजली को तडित कहा जाता है और यह बादलो के बिच मे रहती है । अब बादल समुंद्र और नदिया से उठने वाले पानी से बनती है तो जाहिर होगा की बिजली भी इसी क्रिया मे से बनती होगी । होता कुछ इस तरह से है की जब पृथ्वी पर गर्म हवा चलती है तो वे पानी को वाष्प के रूप मे आसमान की तरफ ‌‌‌भेजती है । और जब आसमान पर पहुंचती है तो वह वाष्प ठंडी होकर बर्फ बन जाती है ।

क्योकी आसमान पर इतनी अधिक ठंड होती है की वह वाष्प को बर्फ मे बदल देती है। अब बादल का निर्माण शुरू होता है । इसी क्रिया के बिच मे ही आवेशों की उत्पत्ति हो जाती है। बादल मे यह आवेश शुन्य डिग्री पर बन ‌‌‌जाता है और वही ताप वाले क्षेत्र मे उच्च डिग्री पर बनता है। क्योकी ताप वाला क्षेत्र पृथ्वी पर होता है जिसके कारण से एक आवेश पृथ्वी की ओर बनता है। जबकी दुसरा बादलो मे बनता है ।

अब बादल मे ऋणावेश उत्पन्न होता है तो पृथ्वी की और स्वयं ही धनआवेश बन जाता है । ‌‌‌अब जिस तरह से बादल हवा के साथ साथ आगे बढते जाते है वैसे ही पृथ्वी का धनावेश भी आगे बढता जाता है और धनावेश ऋणावेश से आकृषित होकर किसी वस्तु के जरिय उपर की और चले जाते है । जिस तरह से किसी खंबे, बडी बडी इमारते आदी । जब यह धनावेश ऋणावेश के करीब पहुंच जाता है तो विभव प्रवणता दीर्घ स्फुलिंग के ‌‌‌रूप मे एक तेज चमक ‌‌‌पैदा होती है जिसे आसमानी बिजली या तडित के नाम से जानते है ।

‌‌‌कृत्रिम बिजली का उत्पादन

‌‌‌कृत्रिम रूप से बिजली बनाने का कार्य बहुत से तरीको से किया जाता है जैसे बाध के पानी का उपयोग कर कर, डीजल के इंजनो का उपयोग कर कर , भाप से बिजली की उत्पत्ति , ज्वार भाटे से बिजली बनाना, भूतापीय ‌‌‌ऊर्जा से बिजली बनाना, परमाण्वीय बिजली के रूप मे, गैस का उपयोग कर कर, सौर ऊर्जा से बिजली बनाना, ‌‌‌और पवन ऊर्जा से बिजली बनाना । ‌‌‌इन सभी प्रयोगो मे से सबसे अधिक पानी से बिजली बनाई जाती है ।

पानी से बिजली का निर्माण

इसके लिए बांध की जरूरत पडती है जिसमे बहुत अधिक मात्रा मे पानी हो । इस पानी को उचाई से निचाई की ओर गिराया जाता है । मगर इसके बिच मे बडे टरबाईन लगे होते है जो पानी के वेग के कारण से घुमने लगते है । ‌‌‌इस तरह से पानी से बिजली बन जाती है ।

सौर ऊर्जा से बिजली का निर्माण

सौर ऊर्जा से बिजली बनाने के लिए एक सोलर प्लेट की जरूरत होती है जिसमे एक प्रकार का सिस्टम लगा होता है जो ‌‌‌सूर्य के ताप को बिजली मे बदल देता है । इस विधी का प्रयोग छोटे पेमाने पर ही किया जाता है । इसके अलावा जिस स्थान पर सूर्य की रोशनी अधिक ‌‌‌रहती है वहां पर इस विधी को प्रयोग मे लाया जाता है ।

‌‌‌पवन के उपयोग से बिजली बनाना

इस विधी का उपयोग ऐसी जगहो पर होता है जहां पर अधिक हवा चलती हो जैसे पहाडी इलाको में । पहाडी इलाको मे इस विधी का उपयोग करने के लिए बडे बडे खंभे लगा दिए जाते है जो हवा के चलने के कारण से चलने लग जाते है। जिसके कारण से बिजली बनती है । ‌‌‌इस विधी का उपयोग सबसे अधिक जर्मनी एवं हॉलैंड मे होता है ।

बिजली का मानव जीवन में काफी उपयोग होता है । इस कारण से हमे बिजली के बारे में यह सभी तरह की जानकारी होना जरूरी है ।

आपको बात दे की बिजली जो होती है वह कई तरह से बनती है और शायद आपने लेख को पूरा पढा तो आप यह जान चुके है । बिजली के उपयोग की अगर बात करे तो इसका उपयोग हम कई तरह से करते है ।

मगर बिजली के उपयोग से ही आपके पास तक यह सब जानकारी पहुंचा रहे है और आप अपनेफोन में यह सब कुछ पढ रहे हो क्योकी आपका फोन चार्ज है जो की बिजली के कारण से चार्ज होता है।

और इस कारण से दोस्तो हम ही नही बल्की आप स्वयं भी यह कह सकते हो कीबिजली मानव के लिए उपयोगी है । तो एक बात का ध्यान रहे की इसका उपयोग किया जाए न की दुपर्योंग ।

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