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125 green suit shayari  आपके मन पसंद साथी के लिए

green suit shayari in hindi ग्रीन सूट पर शायरी के बारे मे हम आपको यहां  पर बता रहे हैं। आपकी गर्लफ्रेड या पत्नी ग्रीन सूट पहनकर आती है। तो यह उसकी तारिफ के लिए शायरी हैं। आपको जरूर ही पसंद आएगी । ग्रीन सूट कई महिलाओं को पसंद होता है। हालांकि कुछ महिलाओं को ग्रीन सूट बहुत अधिक जचंता है। तो उनके लिए यह मशहूर शेर पेश हैं।

मिजाज तेरा काफी रंगीन है ,

मगर सूट तेरा ग्रीन है ,

जो भी है बहुत हसीन है।

…….

ग्रीन सूट मे बहुत प्यारी लगती हो ,

खूबसूरत इतनी की दिल को

​चीर देने वाली कटारी लगती हो ।

green suit shayari

……

सूट ग्रीन है होंठ गुलाबी ,

इनको देखकर हम तो

हो गए शराबी ।

……..

सूट ग्रीन है ,

सीन बहुत हसीन है ,

तू सच मुच एक क्वीन है।

…….

ग्रीन सूट मेरा, मेरी पहचान,

चेहरे पर लाता है मुस्कान।

green suit shayari in hindi

…….

ग्रीन रंग का सूट पहनकर ,

जब तू निकलती है सड़कों पर ,

आफत आ जाती है यारा

लड़कों पर ।

…….

उपर से सूट तेरा ग्रीन है ,

मगर अंदर से तू बहुत नमकीन है।

…….

ग्रीन रंग के सूट तेरे ,

मगर दिल को चीर देने वाले हैं

झूठ तेरे ।

green suit shayari in punjabi

……..

ग्रीन तेरी मुस्कान है ,

सुन बे मेरी जान ,

य​ह दिल तेरे पर कुर्बान है।

……..

ग्रीन सूट पहनकर

जब तू घर से निकलती है ,

कई दिलवालों की चिता

देखकर चलती है।

……..

मौसम आजकल ग्रीन

सा हो गया है ,

जब से तू मिली है ,

सब कुछ हसीन सा हो गया है।

green suit shayari in hindi for girl

………

दिल तो तेरे प्यार मे पागल था ,

उपर से तू ग्रीन सूट पहनकर आई ,

दिल को और ज्यादा हमने

तकलीफ वहन कराई ।

……

सूट तेरे ग्रीन ,

की तारीफ करते हैं ,

तू सदा खुश रहे ,

हम खुदा से बस यही

गुजारिश करते हैं।

green suit shayari

……..

तू सिर्फ मेरी है ,

ग्रीन सूट मे देखा है

जब से तुझे ,

लगता है जिदंगी के

मजे लेरी है।

…….

हर दिल तेरे ग्रीन सूट को

सलाम करता है ,

आज से यह आशिक ,

जिदंगी तेरे नाम करता है।

green suit shayari in hindi

……

परियों की रानी है तू ,

ग्रीन सूट मे दिल की

कहानी है तू ।

…….

ग्रीन सूट तेरा ,

मेरे लिए एक ​ग्रीन सिग्नल था ,

मैं समझ नहीं पाया ,

आशिक भी क्या जाहिल था ।

green suit shayari in hindi for girl

……..

आजकल रंगों मे बात करती है वह ,

कभी ग्रीन सूट ,

तो कभी रेड़ वाइन का साथ करती है वह ।

……..

ये क्या जादू है, क्या खूबसूरत रंग है,

दिल लुट गया  ग्रीन सूट की एक झलक ने ,

फिर झपकना ही छोड़ दिया ,

आंखों की पलक ने ।

…….

आजकल उसके ग्रीन सूट का

जादू चलता है ,

वह करती कुछ नहीं फिर भी ,

दिल जलता है।

green suit shayari in hindi

………

कभी चांद पूरब से निकता है ,

कभी पश्चिम मे चलता है ,

वह फिर पहन कर ग्रीन सूट ,

ढ़लता है।

…….

वाहा क्या खुदा की

कारिगरी है ,

ग्रीन सूट और मस्त आंखे ,

क्या अदागिरी है।

……..

तेरे ग्रीन सूट को चूमने

का जी करता है ,

सो कर तेरी बांहों मे

दुनिया घूमने का जी करता है।

green suit shayari in hindi

…….

सूट तेरा पतला ग्रीन ,

मुखड़ा तेरा दिखता है ,

घूंघट मे दिल तेरा

मेरे लिए धड़कता है।

……..

चलने का अंदाज़, बात करने का सलीका,

उस ग्रीन सूट वाली के सामने ,

सब कुछ नजर आने लगा है फीका ।

……

ना अब चॉकलेट मे स्वाद रहा ,

ना अब पंछी आजाद रहा ,

देखकर तेरा ग्रीन सूट ,

मैं हर वक्त यादों मे

तेरे साथ रहा ।

………

जीते हैं हम तो तेरा

साथ पाने के लिए ,

क्या लेगी बोल ,

ग्रीन सूट को अपना

बनाने के लिए ।

…….

दिल मेरा लुट ले गया ,

तेरा यह ग्रीन सूट था ,

कुछ भी कहो स्माइल

का अंदाज तेरा बड़ा क्यूट था ।

green suit shayari in punjabi

…….

ग्रीन सूट है तेरी पहचान,

जिसकी चमक से टकराए जहान।

तेरी एक मुस्कान मरे हुए

मे डाल दे जान ।

……

ग्रीन सूट गाल गुलाबी ,

इन्हें देखकर हम हो

गए हैं शराबी ।

…….

सब कमाल है तेरे ग्रीन सूट का ,

मजा लेने दे हमें भी ,

जवानी की लुट का ।

green suit shayari in punjabi

…….

दो कबूतर हैं

ग्रीन सूट के अंदर ,

कितना भी पीए जाउं ,

प्यास बुझती नहीं कभी ,

तू है ऐसा समंदर ।

……

ग्रीन ग्रीन नजारा हो ,

ग्रीन सूट मे महबूब

जान से प्यारा हो ।

…….

हरा सूट, हरा भरा एहसास,

देखते ही दिल हो जाए खुशहाल।

तेरी एक मुस्कान आशिकों

को कर जाए बेहाल ।

…….

​गिदड़ों को उनके हाल

पर छोड़ दो ,

ग्रीन सूट मे उनको ,

इक कैनाल पर छोड़ दो ।

……..

तेरे ग्रीन सूट ने

सबका सत्यानाश कर डाला ,

वर्षों पुरानी अपनी मुहब्बत

का नाश कर डाला ।

……

तेरे एहसास मे हम है ,

पहनकर ग्रीन सूट

छत पर आना ,

तेरे पास मे हम हैं।

……

ग्रीन सूट जैसे ,

पतझड़ मे सावन आ गया ,

देखकर तुझे ऐसा लगे ,

जैसे फिर से सीता को

उठाने कोई रावन आ गया ।

……..

ग्रीन सूट का धोखा

जो एक बार खा जाए ,

कसम से उसको

नानी याद आ जाए ।

…….

पैग पर पैग मारे जा रहा ,

नशा कुछ हुआ नहीं ,

यह ग्रीन दिल पहले से ही मचलज रहा है ,

अब तक तो कुछ हुआ नहीं ।

…….

ग्रीन सूट मे बाजिगर लगती हो ,

नजरें तो ऐसे मिला रही हो ,

जैसे मुहब्ब्त मे पुरानी कारीगर लगती हो ।

…….

तेरे ग्रीन सूट को देखकर

मौसम हरा भरा हो गया ,

जवानी तेरी देखकर ,

दिल पागल जरा हो गया ।

…….

हरा रंग है जिसमें, वो सूट है तेरा,

लगता है कोई ताजा हवा का झोंका हो ।

हाथ से जाने नहीं देना चाहिए ,

जब मिलने का पहला मौका हो ।

……..

हर कोई तेरे ग्रीन सूट

का कायल बन जाए ,

हम नहीं चाहते ,

तेरे प्यार मे हर

कोई घायल बन जाए ।

…….

पागलों की फौज तेरे पीछे है ,

ग्रीन सूट यह तेरा ,

बारिश मे हौले हौले भीगे है।

…….

वो हरा सूट पहने जब आया था,

लगा बहार का मौसम लेकर आया था।

पता नहीं था, इस हरे रंग के पीछे,

इतना गहरा एक धोखा छुपाया था।

………

तेरे हरे सूट का रंग

दिल को सकून देता है ,

खुदा भी कई बार

बेवफाओं को हमारे

लिए चुन देता है।

…..

ग्रीन सूट की

ग्रीन अदाएं ,

दिल को भा

जाती हैं यह सदाएं ।

…….

मौसम भी बेईमान

हो जाता है ,

ग्रीन सूट को देखकर

तेरे हर कोई खो जाता है।

…….

सूट तेरा ग्रीन था ,

पल वो हसीन था ,

जब तू गले हमसे मिली ,

मिजाज तेरा रंगीन था ।

……

वो ग्रीन सूट पहने खड़ा है समंदर के किनारे,

लहरों सा ही लहराता है, मेरे दिल का ये तारे।

……..

ग्रीन सूट समंदर

की तरह गहरा है ,

तेरे चारो ओर

आशिकों का पहरा है।

…….

समंदर के किनारे

ग्रीन पहनकर टहल रही है ,

मंद मंद  हवा

चल रही है।

…….

समंदर की लहरों सा है

तेरा यह ग्रीन सूट ,

छोटी छोटी बातों पर

वो जाता है रूठ ।

…..

मस्ती मे वह

अपनी जी रही थी ,

पहनकर ग्रीन सूट ,

समंदर के किनारे पी रही थी ।

……

ग्रीन सूट ने मेरे दिल

मे आग लगा दी ,

सोई हुई मुहब्बत को

फिर से जगादी ।

…….

लहरें टकराती हैं साहिल से, और शोर मचाती हैं,

ग्रीन सूट पहने कुछ हसीनाएं

दिल मे आग जलाती हैं।

…….

समंदर सा दिल है मेरा, गहरा और अथाह,

कोई ग्रीन सूट वाला उतरे

तो देखे प्यार की राह ।

…….

चांद भी बेईमान हो गया ,

चांदनी को देखकर ,

मैं हैरान हो गया ,

तुझे ग्रीन सूट मे देखकर ।

……

ग्रीन सूट उसकी पहली

पसंद था ,

हमें क्या पता था ,

ग्रीन सूट मे उसका

आशिक बंद था ।

………

ग्रीन सूट पहनकर

बि​जलियां मत गिराया कर ,

दिल मचल जाता है यार ,

यूं हवाओं की तरह ना आया कर।

……

काश हर समंदर मे तूफान होता ,

काश बेवफा  न वह ग्रीन सूट

वाला इंसान होता ।

और ना हमारा दिल विरान होता ।

…….

बेवफाई की तस्वीर तो

तुमने उसी दिन लिखदी थी ,

जिस वक्त यारों के चाहने

पर तूने ग्रीन सूट पहना था ।

……

ग्रीन सूट पहनकर

सपने मे मिलने के लिए आती है ,

दिल को सकून दे जाती है।

……

ग्रीन सूट की ग्रीन अदाएं ,

आसान कर देती हैं

जिदंगी की राहें ।

……

तेरा यह ग्रीन सूट ,

उपर से प्यारी मुस्कान ,

निकाल देती है मेरी जान ।

……

ग्रीन सूट में वो और प्यारी सी मुस्कान,

और कितनी बिजलियां गिराएगी

मेरी जान ।

…….

हरा सूट पहनकर जब वो मुस्कुराता है,

मेरा दिल धड़कन का सारा राज भुलाता है।

…….

उसकी मुस्कान में जादू है, हरे सूट में ज़िंदगी,

बस अब हो जाए , उससे इक बदंगी ।

……

इक पल मे मेरी दुनिया उजाड़ दी ,

तेरे इस ग्रीन सूट ने ,

अपनी दोस्ती बिगाड़ दी ।

…….

तेरे जैसी सौ ग्रीन सूट

वाली मिलेंगी ,

किस किस से प्यार

करता फिरूंगा ।

……

ग्रीन सूट पहनकर

आई वह मेरी कब्र पर  ,

बोली अब बढ़ना चाहती हूं ,

किसी और के संग

जिदंगी की डगर पर ।

……..

विश्वास ही नहीं था ,

तो दिल जोड़ा क्यों ,

एक रिश्ता जोड़ ही

लिया था ,

तो फिर तोड़ा क्यों ।

……..

आजकल हर चीज तुझे

ग्रीन चाहिए ,

जेब मे कुछ भी नहीं हो

फिर भी जिदंगी हसीन चाहिए ।

…….

दो पल की जिदंगी

दो पल का फसाना ,

आखिरी ख्वाहिश यही है हमारी ,

बस एक बार ग्रीन सूट

पहनकर दिखाना ।

…….

ग्रीन तेरी बातें ,

रंगीन तेरी रातें ,

दिल को सकून

दे जाती हैं यह मुलाकातें ।

…….

सब कुछ ग्रीन सूट का कमाल है ,

तभी तो अपनी जिदंगी मे धमाल है।

…….

“तेरा ग्रीन सूट वाला picture मेरे बैडरूम में लगा है,

तू नहीं है मगर तेरी याद का सिलसिला फिर जगा है।”

…….

“वो ग्रीन सूट पहनकर आया जो ख्वाबों में,

उसी के ख्यालों में सारी रात कट गई ,

उसने मुस्कुराके हमारी तरफ देखा ,

हमने समझा पट गई ।

……

“तेरा ग्रीन सूट वाला रूप याद आता है,

दिल को हर पल एक नया ज़ख्म दे जाता है।”

…….

“मेरे दिल की ये विरान नगरी,

और तेरे ग्रीन सूट की तस्वीर।

यही बचा है अब मेरे पास,

तोड़ डाले तूने सारे एहसास ।

…….

मेरी विरानी दुनिया मे

कोई तो ग्रीन सूट पहनकर आया ,

हम तो उसे समझ रहे थे मगर ,

उसने ही हमारी चिता का दहन कराया ।

…….

तेरे ग्रीन सूट का जख्म

आज भी ताजा है ,

मगर यार तो आज भी

अपने दिल का राजा है।

…….

मौत से प्यारी

जिदंगी है ,

और जिदंगी से

प्यारी तू ,

पहन ले इक बार

बस ग्रीन सारी तू ।

…..

ग्रीन सूट पहनकर

दिल को बहकाया मतकर ,

आशिक हूं तेरा ,

हमें इतना सताया मतकर ।

……

“तेरा वो ग्रीन सूट वाला फोटो,

इस विरान नगरी की इकलौती रौशनी है ,

मेरी नहीं हुई तो

किसी और की क्या होगी ,

यह बात अगले को सोचनी है।

……..

ग्रीन सूट मे कमाल लगती हो ,

मगर जब दिखलाती हो

अपनी बेवफाई वाला रूप ,

तो बड़ी चंडाल लगती हो ।

…….

“उजड़ गए हैं वो सभी मकान अब,

जहाँ तेरी आवाज़ गूंजा करती थी।

धोखा उसी को दिया ,

जिसको दिल से तू पूजा करती थी ।

……..

शैतान मिले हजार ,

मगर औरत ना मिले छिनार ,

दिलवाली से प्यार करो ,

ना प्यार करो ग्रीन सूट से यार ।

……..

फूल गुलाब का

हर कहीं खिलता नहीं ,

बेवफाओं की नगरी मे ,

वफादार मिलता नहीं ।

…….

हवा मे भी कुछ उदासी है ,

दिल मे भी कुछ तलासी है ,

तेरो वो ग्रीन सूट

आज भी हमारे लिए आभासी है।

………

वो ग्रीन सूट वाला पटाखा सा था,

एक दफा चमका और सदियों के लिए बिखर गया,

साला हम ही बदनसीब थे ,

जिसे अंखियां लड़ाई वही गुजर गया ।

…..

मेरे उम्र भर की यादें

एक चिंनगारी से ढह गई ,

अब कुछ नहीं बचा ,

वो ग्रीन सूट वाली

बस यादों मे रह गई ।

…….

मेरा दिल बारूद का ढेर था ,

वो ग्रीन सूट मे आई ,

और चिंनगारी लगा गई ,

यही बस मेरा आखरी शेर था ।

…….

ग्रीन सूट मे पटाखा लगती हो ,

हौले हौले हवाओं  से हिलती ,

रसीले आमों की शाखा लगती हो ।

…..

वो ग्रीन सूट वाला पटाखा था ,

और मैं उसके अंदर झांका था ।

……..

वो ग्रीन सूट पहने हुए,

पटाखा सा दिल में आके फूटा।

एक पल की थी चमक,

पर दर्द सदियों का लूटा।

……..

यार तेरा दिवाना है ,

मौसम भी मस्ताना है ,

तू आजा ग्रीन सूट पहनकर

किसी को क्या बताना है।

……

ग्रीन सूट वाले पटाखें ने

पूरा शहर जला दिया ,

मेरी वफा का उसने

यह सिला दिया ।

……..

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