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चुनरी पर शायरी पर 124 मशहूर शायरी अपनी दीवानी को सेंड करने के लिए

chunri par shayari  चुनरी एक महिला की शान होती है। राजस्थानी महिलाएं चुनरी ओढ़ती हैं। यदि आपको चुनरी की शायरी पसंद है। तो हम आपके लिए यहां पर कुछ चुनरी की शायरी को लेकर आएं हैं। यह चुनरी की शायरी आपको जरूर ही पसंद आएगी । दोस्तों पेश है चुनरी पर कुछ मशहूर शेर ।

काली तेरी चुनरिया ,

मस्त तेरी डगरिया ,

दिल को भा गई ,

तेरी झगरिया ।

……

तेरी चुनरी कमाल करती है ,

यह अक्सर आशिकों के बीच

बवाल करती है।

…….

लाल चुनरिया पर दिल आया है ,

प्यार उसने सारे जंहा मे लुटाया है।

chunri par shayari

……

तेरी चुनरी से लिपट जाने को

जी चाहता है ,

तुझ मे सिमटने को जी चाहता है।

…….

चुनरी तेरी होश उड़ा डाला ,

पुरी दुनिया को अपने पीछे

पागल बना डाला ।

……

हवा के झरोके से ,

उड़े चुनरी तो हुस्न

दिखे मौके से ।

चुनरी पर शायरी

…..

अपनी चुनरी खिसक जाने दे ,

हम जैसे आशिकों को एक बार

अपने करीब आने दे ।

……

सागर सी तेरी काया है ,

चुनरी के पीछे जिसे छुपाया है ,

तेरा हर श्रंगार दिल को भाया है।

……..

हवाओं मे सरसराती चुनरी तेरी ,

आज भी नहीं उतरी है खुमारी तेरी ,

दिल को खाए जा रही है बेकरारी तेरी ।

लाल चुनरी पर शायरी

…..

मौसम आए तो बता देना ,

एक बार फिर चुनरी पहनकर

प्यार हम पर बिखरा देना ।

……

दिल की दुनिया मे चुनरी

तेरी आग लगाती है ,

मस्तानी चुनरी तेरी

एक बार फिर प्यार जगाती है।

……

पतली चुनरी मे हुस्न दिखता जाए ,

जलन के मारे कलेजा मेरा सिकता जाए ।

लाल चुनरी पर शायरी

…….

चुनरी का रंग ,

जैसे कोई अफसाना है ,

तेरे रंगीन हुस्न का

हर कोई दीवाना है।

…..

सर सर सरकती चुनरी तेरी ,

दिल को बैचेन करदे खुमारी तेरी ।

…..

चुनरी सी लिपटी है ज़िन्दगी,

हमेशा रहेगी यारा तेरी बदंगी ।

……

चुनरी है तो बात है, नहीं तो

फीके फीके यह जज्बात है।

……

जब गौर बदन पर चुनरी उड़ती है ,

तो हर किसी की नजरें ,

उस तरफ मुड़ती है।

lal chunari shayari

…….

चुनरी की फ़िज़ा में खो जाऊं,

तेरे इश्क़ की दुनिया में रह जाऊं,

जी करता है तेरे प्यार की नदिया मे बह जाऊं।

…..

समंदर का एक कतरा हूं मैं ,

तेरी चुनरी की तरह संकरा हूं मैं ,

आज मुझे मालूम पड़ा ,

तेरे लिए बस एक बलि का बकरा हूं मैं ।

……

समंदर ही लहरों से ,

मौसम के कहरों से ,

यह चुनरी बचा ले आई

मुझें दर्द भरे शहरों से ।

chunari chunari shayari

…….

उड़ती चुनरी हवा में जैसे,

दिल की हर धड़कन कहती है तेरा नाम।

पहनती हूँ जब भी ये चुनरी,

लगता है हो जाता है तेरा पैगाम।

……..

मेरी चुनरी पर नाम लिखा है तेरा ,

जब तू मुस्कुराता है ,

तो मेरी जिदंगी मे हो जाता है सवेरा ।

…….

चाहता हूं मैं तुझे शराफत से ,

चुनरी पहना कर ले जाउंगा ,

अगर तू नहीं मानी तो खिलाफत से ।

chunri par shayari

…….

तेरी चुनरी मेरा प्यार ,

जिदंगी को बना देता है

जन्नत मेरे यार ।

……..

भींनी भींनी खुशबू तेरी चुनरी से आती है ,

मैं मदहोश हो जाता हूं ,

जब तू पास से गुजर जाती है।

……

हवा के झोंको की तरह ,

लहराए तेरी चुनरी ,

दिल के रोगों की तरह ।

…….

तेरी चुनरी ने मुझे

दिल का रोगी बना दिया ,

तेरे प्यार ने मुझे

यारा जोगी बना दिया ।

chunri par shayari

…….

चुनरी के पीछे मीठी मुस्कान है ,

कोई देखना मत उसकी तरफ ,

वो मेरी जान है।

……

आसमान छू लूं तेरी चुनरी के दम पर।

बतना जब दिल आ जाए हम पर ।

……

चुनरी का हर सिलवट

आसमान की कहानी कहता है।

एक चांद उसके दिल मे रहता है।

…….

सुबह आसमान रंग बदलता है,

शाम को चुनरी ओढ़ती हूँ मैं।

हर पल तुझे पाने की चाहत,

हर रोज़ नया रिश्ता जोड़ती हूँ मैं।

चुनरी पर शायरी

……

आजा  अपनी चुनरी मे छिपालूं तुझे,

बताना मत किसी को ,

आजा अपना बनालूं तुझे ।

…….

तेरी चुनरी के संग

प्यार की गुप्तगू करना चाहते हैं ,

अगर तू ना मिलेगी तो ,

तेरे प्यार मे मरना चाहते हैं।

……..

हसीन हुस्न पर हसीन चुनरी है ,

दिल को चुरा लेने वाली ,

वो एक रंगीन चुनरी है।

चुनरी पर शायरी

……

आउंगी मैं एक दिन तेरे

घर चुनरी ओढ़ के ,

हमेशा के लिए तेरी हो जाउंगी

सब कुछ छोड़ के ।

…….

आजकल वो चुनरी वाली सितम करती है ,

जला कर हमें आंखों की रोशनी कम करती है।

…….

चुनरी पे दाग लगने नहीं देंगे ,

अगर तू हो गई हमारी ,

तो किसी और को करीब लगने नहीं देंगे ।

लाल चुनरी पर शायरी

……

ओढ़ली चुनरी तेरे नाम की ,

अब किसी और की मुहब्बत

हमारे क्या काम की ।

…….

चुनरियां के पीछे शर्मा रही है वह,

मत जाना उसके करीब ,

वह हमको भ्रमा रही है।

…….

चुनरी पर जब प्यार का रंग

चढ़ जाता है ,

तो हर आशिक हद से ज्यादा

आगे बढ़ जाता है।

लाल चुनरी पर शायरी

……

चुनरी मे तुझे छिपा लेती हूं ,

फिर तुझे हर बुरी नजर से बचा लेती हूं ।

……..

तेरी चुनरी मेरे घर मे आकर ​अक्सर

गिर जाया करती है ,

दो प्यार करने वालों के बीच

नजदिकियां अक्सर इसी तरह

आया करती है।

…….

चुनरी लहरा कर वह करीब लाती है ,

फिर इसी तरह वो बदनसीब लाती है।

chunri par shayari

……

चुनरी तेरी शैतान है ,

तभी तो जिदंगी तेरी विरान है।

……

मेरी लाल चुनरी, तेरे प्यार का रंग,

ओढ़के इसे महसूस करूं तेरा संग।

……

मेरी चुनरी तेरे प्यार की निशानी है ,

कभी ना खत्म होने वाली यह

अनोखी कहानी है।

…….

चुनरी के रेशे-रेशे में बसा है प्यार तेरा,

ये ओढ़के लगता है जैसे तू ही संसार मेरा ।

chunri par shayari

………

तेरी चुनरी मे कबूतर बोले ,

देखकर इसको मेरा मन डोले ।

…….

चुनरी का एक कोना मेरा, एक कोना तेरा

इसके बीच मे हम अपना बसेरा ।

…….

चुनरी सी है मोहब्बत की रवानी,

कभी खुश्बू बनके, कभी जुनून बनके।

उड़ती रहे हवा में यह निशानी ।

……..

इश्क़ वो चुनरी है जो दिल से लिपट जाए,

ना उतरे हाथों से, ना ही कभी खो पाए।

……

धीरे धीरे वो बहका रही है ,

चुनरी लहरा कर हमें

प्यार जता रही है ।

……

उसकी चुनरी का एक इशारा ,

उल्ट गया गांव सारा ,

देखने यह नजारा ।

…..

तेरी चुनरी के रंगों मे

खोना चाहता हूं ,

धीरे धीरे तेरा होना चाहता हूं ।

……..

दिल भी साला शैतान है ,

चुनरी के संग दोस्ती हमारी

विरान है।

…….

चुनरी हमसे वह मंगवाना चाहती है ,

कुछ इस तरह वो प्यार जताना चाहती है।

…….

तेरी चुनरी पर

मेरा दिल डोल जाता है ,

देखकर तुझे दिल

लवयू लवयू बोल जाता है।

…….

चुनरी है तेरी कढ़ाई की ,

तेरी एक मुस्कान ने

ऐसी तैसी कर डाली इस पढ़ाई की ।

…….

चुनरी का रंग सुहाना है ,

दिल का हाल तुझे बताना है ,

तेरे पीछे घूम रहा हूं मैं ,

तुझे अपना बनाना है।

……..

चुनरी तेरी हवा मे लहराए,

देखकर तेरी अदाएं ,

दिल मे दर्द सा उठ जाए ।

….

चुनरी तेरी लहरदार है ,

जलवा तेरी जवानी का ,

बहुत असर दार है।

……

नजारा तेरा रंगीन है ,

मौसम बड़ा हसीन है ,

आजा चुनरी ओढ़के ,

दिल मेरा तुझ मे तल्लीन है।

……

तेरे हंसने का असर बहुत होता है ,

जब तू चुनरी ओढ़कर हंसती है ,

तो दिल मे सब्र बहुत होता है।

……

तेरी चुनरी दिल को

सता जाती है ,

तेरी एक मुस्कान ,

दिल का हाल बता जाती है।

…….

वो मस्तानी चुनरी उड़ी हवा में जैसे,

मेरे अरमानों की कश्ती भी डोलने लगी ,

देखकर तुझे ऐसा लगे ,

जैसे आजकल तू आंखों से बोलने लगी ।

……

चुनरी चाहे पुरानी हो या नई ,

कसर पूरी कर जाती है रही सही ।

……

तेरी चुनरी मेरा दिल ,

दोनो मिल जाएं तो

बन जाए महफिल ।

…….

उसकी चुनरी के रंगों में डूबा है सावन,

उसके आने से मौसम हो जाता है मनभावन ।

…….

चुनरी मस्तानी सी लिपटी है बदन पर उसके,

लगता है मोहब्बत की बहार आ गयी है

सदन पर उसके ।

……

तेरी चुनरी है मस्तानी ,

लुट ले जाती है साली

आशिकों की जवानी ।

…..

शराब के साथ नमकीन जरूरी लगती है।

वो मस्तानी चुनरी सूनी पड़ी है कोने में,

उसके बिना हर शाम अधूरी लगती है।

…….

वो कभी मेरी बांहों की रानी थी ,

चुनरी पहनकर जब चलती थी ,

तो दुनिया उसकी दिवानी थी ।

……

दिल की बस्ती मे ,

समंदर की कश्ती मे ,

नजर आती है तू ,

चुनरी ओढ़कर हर

हस्ती मे ।

……

जब तू चुनरी ओढ़कर चलती है ,

देखकर दुनिया सारी तुझे जलती है।

…….

चुनरी का रंग सुरंगा है ,

तेरे से आशकी क्या करें ,

तेरे आगे पीछे दंगा है।

……

चुनरी तेरी लहरा कर चलती है ,

तू जंहा भी जाती है ,

प्यार का परचंम फहरा कर चलती है।

…….

हारी बीमारी और जुकाम मे ,

दिल के हर मुकाम मे ,

चुनरी तेरी नजर आती है

हर शाम मे ।

…….

मैं तेरा आशिक

तू मेरी रानी ,

आजा चुनरी ओढ़कर

बना लेते हैं एक कहानी ।

……..

मेरे दिल से होली वो खेल गई ,

ओढ़ कर चुनरी रंगीन ,

वो मुझे ही पेल गई ।

……

उसकी लाल चुनरिया का जादू चल गया ,

वो मिली किसी को नहीं ,

आशिकी मे उसकी जमाना सारा जल गया ।

…….

लाल चुनरियां वाली ,

दिल को कर देती है खाली ,

जमाना सारा देता है उसे गाली ।

…….

मत कर जमाने बरबाद मुझे ,

अक्सर दिल मे दर्द उठता है ,

तो आते हैं लाल चुनरिया

वाली के ख्वाब मुझे ।

……

तेरी लाली में छुपा है एक जुनून सा,

 कभी गुस्सा, कभी दर्द का गीत ,

लगता है मुझे अपने खून सा ।

…….

तेरे संग बिताए हर पल की याद सताती,

वो लाल चुनरिया, अब भी दिल में बसाती।

…….

तेरे बिना अधूरी है हर सुबह, हर शाम,

तेरे रंग में रंगा है मेरा नाम।

…….

लाल चुनरिया, तेरा हर शिकवा, हर अरमान,

किसी दर्द की दास्ताँ, किसी प्यार की पहचान।

…….

खेत मे जब फसल कटेगी ,

वह लाल चुनरिया वाली

तब पटेगी ।

……

चाहे तू बरबाद करदे ,

चाहे तू आबाद करदे ,

बस एक बार पहनकर

लाल चुनरिया दंगा फसाद करदे ।

…….

इश्क का भूखा हूं मैं ,

आजा लाल चुनरिया ओढ़कर

तेरे लिए रूका हूं मैं ।

……

दिल का खून हम नहीं करते ,

पहनकर लाल चुनरिया ,

इश्क का जनून हम नहीं करते ।

……..

तेरा दिल तेरे पास है ,

मेरा दिल मेरे पास है ,

जो कुछ भी है सब ,

लाल चुनरिया वाली को एहसास है।

……

कबूतर है तो कबूतर बाज भी होंगे ,

दोस्त है तो दगाबाज भी होंगे ,

चुनरी वाली है हसीन ,

तो दोस्त नाराज भी होंगे ।

…….

आवाजा तेरी दिल को छू जाती है ,

किसी और की होकर भी वो

चुनरी मे मुझे छू जाती है।

……

मस्ती ​मे मस्त रहते हैं ,

वो आजकल चुनरी ओढ़कर

हमसे मिलने को त्रस्त हरते हैं।

……

दिल की दुनिया हम बसाएंगे ,

जिस दिन आओगी चुनरी ओढ़कर हमारे घर ,

हम आपको खूब हंसाएंगे ।

…….

मैं तेरी चुनरी के रंग मे

रंगना चाहता हूं ,

बस एक बार तेरी गोद

मे सर रखना चाहता हूं ।

…….

चुनरी मे इश्क है ,

अपना बना लेते तुझे कबका ,

मगर तुझ मे रिस्क है।

……

दिन मे देशी

शाम को विस्की चाहिए ,

प्यार चुनरी मे हो ,

और जिदंगी रिस्की चाहिए ।

…….

चुनरी मे दिल है तेरा ,

कर देता है मौसम खराब मेरा ।

…….

दिन भर मेहंदी लगाती रहूंगी ,

ओढ़कर चुनरी सातों जन्म

मे तेरे घर आती रहूंगी ।

……

चुनरी पर पर लहंगा है ,

यारा तेरा इश्क सबसे महंगा है।

……..

कहती है आईफोन दिलादे ,

कहती है हाथों से पिलादे ,

हाए रब्बा एक बार मेरी जान को

चुनरी मे मिला दे ।

…..

सूट छोड़ चुनरी ओढ़ा कर ,

आशिकों को पागल करके

मत छोड़ा कर ।

…….

दिल से वार करना छोड़ दे ,

वो हसीना है तू , जो

चुनरी ओढ़ कर रिश्ता तोड़ दे ।

……

दिल का राज बताएंगे तुझे ,

एक दिन चुनरी मे अपना

बनाएं गे तुझे ।

……

मैं तेरी रानी ,

तू मेरा राजा ,

चुनरी ओढ़ा कर

बजा देना बाजा ।

……

दिल मे कुछ अरमान थे ,

चुनरी तेरी और होंठों

पर बस जाम थे।

……

मेरी अदाएं ही काफी हैं ,

आशिकों को जलाने के लिए ,

चुनरी ओढ़ती हूं मैं ,

खूबसूरत कहलाने के लिए ।

……

मुस्कुराया मत कर ,

चुनरी ओढ़कर यूं

घबराया मत कर ।

…..

चुनरी वाली अगर अपनी हो ,

तो दुनिया मुठ्ठी मे कर लेंगे ।

……

मैं पागल आशिक आवारा हूं ,

तेरी चुनरी का मारा हूं ।

…….

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