kheer shayari in hindi खीर पर शायरी आज हम आपके लिए लेकर आएं हैं। दोस्तों खीर शायरी के अंदर कई सारी मस्त शायरी आपको बता रहे हैं। खीर पर कुछ शायरी आपकी दिलरूबा के लिए यह हैं। और कुछ शायरी खीर के बारे मे है। यदि आपको यह पसंद आती है। तो आप इनको अपने यार दोस्तों को आप शेयर कर सकते हैं।
तू खीर जैसी कुड़ी पंजाब की है ,
मैं पहलवान जैसा कुड़ा आपका हूं ,
दोस्ती करले हम से स्वाद शराब का हूं ।
…….
ऐ आशिक तू मस्ती से जीता जा ,
और नहीं तो हसीनाओं को खीर
की तरह पीता जा ।

…….
घर मे तमासा मत किया कर ,
खीर के जैसी मीठी है तू ,
किसी के सामने यह खुलासा मत किया कर ।
……
जिदंगी तेरी खीर जैसी है ,
खुशबू तेरी हीर जैसी है।
…….
दूध मे चावल डाल दो तो खीर बन जाती है ,
अच्छे काम करने से इंसान की नजीर बन जाती है।

…….
तेरे प्यार से हमने तौबा कर लिया ,
तुझे खीर खिलाकर समझाया ,
फिर भी ना समझी तू
और खाली यह खोपा कर लिया ।
…….
खीर कम दिमाग ज्यादा खाती है तू ,
जंहा मैं कुछ कांड कर रहा हूं ,
वहां जरूर आती है तू ।

…….
खीर और नमक का कोई मेल नहीं होता ,
प्यार करना सोच समझ कर ,
प्यार सिर्फ दिलों का खेल नहीं होता ।
…….
जब से खाई है कमीनी ने मेरी खीर ,
बोलती है दम है तो आ ,
देती हूं चीर ।

……
सब्र के सहारे जिंदा रहा करो ,
अगर पत्नी पड़ोसी की खीर
पसंद करने लगे ,
तो भी कुछ न कहा करो ।
……..
रात की ठंडी खीर खाने मे
वो मजा नहीं ,
जो गर्म खीर खाने मे है ,
तेरे साथ हंसी मजाक करने
से ज्यादा तो मजा तुझे सताने मे है।
…….
पहाड़ों पर बैठकर जीया करो ,
खीर मे शराब डालकर पिया करो ।
……….
आज तो घर मे खीर पूरी बनाई है ,
आज वो फिर हमारे तलास मे
हमारे घर पर आई है।

…….
खीर खाकर वह उंगली चाट
रही थी ,
धीरे धीरे सभी को अपनी
प्यारी मुस्कान बांट रही थी ।
……..
अगर दूध फट जाए ,
तो उसे पनीर कहते हैं ,
अगर खीर फट जाए ,
तो उसे बुरी किस्मत
की तासीर कहते हैं।

……
दुनिया मेरा मजाक उड़ाए तो
उड़ाने दो ,
शूरूआत क्या करें नई जिदंगी की ,
कम से कम किसी खीर वाली
को तो आने दो ।
……..
जिस घर मे
खीर जैसी लुगाई हो ,
रावण जैसा जवाईं हो ,
वहां कैसे किसी की गोद
भराई हो ।

……..
खीर जैसी बीवी घर मे
हो तो पराई पर नजर ना डाला करो ,
कभी ना करो यह काम ,
हम से वादा करो ।
…..
खीर और जलेबी खा रही हूं ,
फोन करना एक बार ,
आज रात को आ रही हूं ।
……
खीर बनती है गाय के दूध से ,
मुझे मतलब है तेरी जरूरत से ।

……
खून का तूने सारा पानी कर दिया ,
खीर खीर करती हुई
बरबाद सारा जवानी कर दिया ।
……..
मैं खीर खाती हूं ,
फिर तेरे पास आती हूं ,
फिर तुझे बताती हूं ।
……..
खीर जैसा स्वाद होता है दूध की मलाई मे ,
आजा शर्दी मे सोना चाहते हैं तेरे साथ रजाई मे ।

…..
सर्दी के मौसम मे अगर खीर मिल जाए ,
तो फिर जिदंगी खिल जाए ।
……
नहीं चाहिए हमें कोई हूर
नहीं चाहिए कोई परी ,
हमने तो बस आप से
खीर की डिमांड है करी ।

……
डर डर के जीना छोड़ दो ,
आजकल खीर भी जहर
हो गया है पीना छोड़ दो ।
…..
हम जैसे दारू वालों से सरकार चलती है ,
खीर खाने से और कुछ नहीं ,
बस जिदंगी बेकार चलती है।

……..
तेरी खीर को मेरी खीर से
इश्क हो गया ,
जब तु मिली हम से रात मे
तो सब कुछ मिक्स हो गया ।
……
कागज पर खीर नाम लिखा था ,
देखा गौर से तो खीर जाम था ।
…….
आजकल खीर जैसी शराब होती ,
जिसको पीकर जिदंगी खराब होती है।

……..
जब से खीर पीना छोड़ा है ,
साला जिदंगी जीने का मजा
चला गया ।
……
खीर जैसी मीठी है मोहब्बत हमारी,
हर लम्हा और हर सांस में बसी है याद तुम्हारी ।
……
जब पड़ी रात को बेड़ पर कूद के ,
लगी ऐसी जैसे है बिना
चावल और दूध के ।
…….
अपने दूध की खीर कब खिलाओगी ,
अपने यारों से हमें कब मिलाओगी ।

……..
मैं आशिक हूं तेरा पुराना ,
खीर खिलाकर फिर से पटाना चाहता हूं तुझे ,
देखे चाहे जमाना ।
……
खीर खाना मलाई मारके ,
जो आएगा हमारे कोठे पर ,
जाएगा सारी थकान उतार के ।
…….
जिस तरह चावल खीर मे
सदा होते हैं।
आजकल बिना बाप के
बच्चे पैदा होते हैं ।

……
मैं खीर हूं तेरी ,
तू दूध है मेरा ,
इसलिए होसला मजबूत
है मेरा ।
…..
क्या करूं पढ़ाई का ,
जब खीर ही मिल
गया है तेरी कढ़ाई का ।
……..
वह अपने जन्म दिन पर
अक्सर खीर बनाती है ,
मैं हूं चूहे सा डरपोक ,
फिर भी वह मुझे सबके
सामने वीर बनाती है।
……..
बाजिगर बाजी लगाता है ,
कारीगर कारी लगाता है ,
जी करता है उसके हाथों को चूम लूं ,
जो खीर बनाता है।
…….
जो चाट चाट कर खा जाएं
खीर तेरी कढ़ाई की ,
बाद मे कीमत चुकाएंगे
तेरी बेवफाई की ।
……
जिसने खीर तेरे हाथों की खाई नहीं ,
समझ लेना उसने जिदंगी मे कुछ
भी पाई नहीं ।
…….
खीर को देखकर मुंह मे
पानी आ जाता है ,
तेरे और मेरे प्यार के बीच मे
अक्सर तेरा पति दानी आ जाती है।
…….
सुन बे आशिक आवारा ,
अगर मजा लुटना है खीर का ,
तो हाथ पकड़ ले उस हीर का ।
…….
खेत के चारो ओर बाड़ होती है ,
बनाई थी खीर किसी के लिए ,
चख कोई और गया ,तभी
तो राड़ होती है।
……..
दूध मे चावल ना डालो
तो खीर नहीं बनती ,
अगर औरत के पेट मे
बच्चा ना डालो ,
तो तकदीर नहीं बनती ।
……
अगर तुम कुंवारे हो
तो पड़ोसन की खीर खाया करो ,
अगर तुम आसमान के तारे हो ,
तो रात को आया करो ।
…….
अगर चखनी है पड़ोसन की जवानी ,
तो खीर के साथ जोड़ो अपनी कहानी ।
…….
मूत मूत कर पड़ोसन की दीवार गिरा दी ,
एक दिन पड़ोसन ने खीर क्या बनाई ,
सबकी लार गिरादी ।
……
दूध मे चावल मिले तो उसे खीर कहते हैं ,
जिसको तेरे जैसी हसीना मिले उसे तकदीर कहते हैं।
…….
आजा मैं तेरी खीर बन जाती हूं ,
और तू मेरी पूरी बनजा ,
मैं तेरा प्यार बन जाती हूं ,
तू मेरे लिए जरूरी बनजा ।
……
खीर जब फट जाती है ,
तो बेकार हो जाती है ,
एक बार लड़की प्यार मे पड़ गई ,
तो वह भी होशियार हो जाती है ।
…….
करीब खीर का प्याला हो ,
कैसे ना फिर रात मे उजाला हो ।
…….
घर की खीर तो फीकी लगती है ,
मगर दूसरों की खीर मीठी लगती है।
…….
घर मे रखी खीर को बिल्ली चाट गई ,
आई थी हसीना एक पड़ोस मे ,
घर घर प्यार बांट गई ।
…….
तेरे बनाए हाथों की खीर
बहुत मीठी होती है ,
अपनी पत्नी बेकार लगती है ,
मगर दूसरों की बीवी हमेशा
स्वीटी होती है।
…….
अलग अलग घर की खीर का टेस्ट किया करो ,
अपनी बीवी पर ना टाइम वेस्ट किया करो ।
…….
हसीना भी जवान है ,
दिल भी कुर्बान है ,
आजा मिलकर खीर चखलें
खीर की ना कोई पहचान है।
……
जो भी चख लेगा तेरी खीर का स्वाद ,
हो जाएगा कमीना बरबाद ।
…….
खीर पकती है धीमी आंच मे ,
आशकी का टाइम हो गया है ,
देख जरा तेरी वाच मे ।
…….
दो अक्सर प्यार के ,
आग लगा देते हैं ,
खीर जैसे संसार के ।
…….
जवानी की आग तजुर्बे को
भी जला देती है ,
कहता हूं खीर चखाने के लिए ,
तो वह टांगे फैला देती है।
……
होठों का मिठास अपनी
खीर मे मत घोला कर ,
नेट खोल कर इंस्टा पर
बार बार किसी को आई लव यू
मत बोला कर ।
…….
तेरी खीर तुझे मुबारक हो ,
प्यार तेरा किसी के लिए
ना कोई तारक हो ।
……
तेरे हाथों की खीर खाकर
दिल को सकून आया ,
मैं तो था नहीं घर पर ,
रात को फिर तेरे बेडरूम मे
कौन आया ।
…….
“तेरे प्यार की मिठास तो खीर सी लगे,
खीर पर पीलूं थोड़ी सी शराब ,
तो फिर तू 18 की हीर सी लगे ।
……
कहते हैं जिदंगी अनमोल है ,
कहीं नमक पड़ा है ,
तो कहीं खीर ,
यही जिदंगी का सबसे बड़ा झोल है।
……..
रात मे सूरज दिखाई नहीं देता ,
तेरे हाथों की खीर खाने के बाद
कुछ भी सुनाई नहीं देता ।
…….
छत पर बैठकर उसका खीर खाना ,
है आशिकों के लिए फिर से एक फसाना ।
……..
जिस दिन तू खीर मे शराब मिला देगी ,
उस दिन तू पूरी गली जला देगी ।
……
पति चाहिए तुझे करोड़ कमाने वाला ,
और खीर बनाकर तुझे खिलाने वाला ।
……..
खीर का दूसरा रूप पनीर होता है ,
कितना भी रानी की तरह रहो ,
मगर असली रानी वही बनती है ,
जिसका तकदीर होता है।
…….
जेब मे एक पैसा नहीं
फिर भी आईफोन चाहिए ,
जिसके पास खीर तक
के पैसे ना हो ,
ऐसी जिदंगी मै कोन चाहिए ।
……..
वह रोज सुबह घर का दरवाजा खोलती है ,
आजा मेरे घर की खीर खाले ऐसा बोलती है।
…….
तू खीर खाकर मेरे घर मत आया कर ,
मैं मीठे का शौकिन हूं ।
……..
खीर जैसी जिदंगी को तूने
पनीर बना दिया ,
जो टूटे ना कभी ऐसी जंजीर बना दिया ।
…….
बीबी की मार खाए बिना अक्ल आती नहीं ,
बिना पड़ोसन की खीर चखे खुमारी जाती नहीं ।
……..
तेरी खीर का स्वाद अक्सर बेकार होता है ,
उसे खाकर तो हर कोई बीमार होता है।
……..
उसने खीर मे जहर मिला दिया ,
हमें मारने के लिए दिल्ली से एक सूटर बुला दिया ।
………
नफरत करती है वह
अक्सर गली के छपरियों से ,
मगर हमें तो खीर जैसा पैगाम
देती है अपने खबरियों से ।
…….
मौसमी का जूस निकाल कर पिया करो ,
किसी हसीना के हाथों की खीर
लेकर पिया करो ।
……
तू खीर है पुराने जमाने की ,
स्वाद खत्म है तेरा ,
तुझे जरूरत है इसे पहचानने की ।
…….
जब तू खीर बनाती है ,
तो मुझे अपनी मां की याद आती है।
……..
तेरा धीरे धीरे खीर बनाना ,
करता है मुझे विरना ।
…….
बे मौसम बादल बरसता अच्छा नहीं लगता ,
खीर बनाकर अपने हाथों से खिलादे तू ,
अब मैं भी बच्चा नहीं लगता ।
…….
जिसकी खीर उसकी मिश्री,
कांड तो तब हो जाता है ,
जब जिदंगी मे आ जाती है
कोई तिसरी ।
……
रूहानी जमाने मे ,
खाई थी खीर पुराने जमाने मे ,
दिल लगा बैठे उस ठिकाने मे ।
……
मिट्टी के बर्तन में लकड़ी की आग पर
खीर बनाया करते थे ,
यह पुराने जमाने की बात है ,
जब सब मिल बांट करके खाया करते थे ।
……..
बीता हुआ कल कभी वापस नहीं आता ,
जिसने भी चख ली तेरे हाथो से बनी खीर ,
उसका स्वाद कभी नहीं जाता ।
……..
मैं कली हूं गुलाब की ,
मत तोड़ ,लत लग जाएगी शराब की ,
मेरे हाथों से बनी खीर खाले तू ,
फिर मैं हो जाउंगी आपकी ।
……
खीर मे काजू बादाम सब डाल दिये ,
पूरी खीर रात भर खाई ,
और दिवाने फिर आशिकी करने चाल दिये ।
………
कहते हैं खीर खाने से कमजोरी
दूर होती है ,
इसका तो पता नहीं ,
मगर खीर वाली से मुहब्बत
जरूर होती है।
……
जब दूध और चावल
पानी मिलते हैं ,
तो खीर पैदा होती है ,
जब तू और हम मिलते हैं ,
तो नया शरीर पैदा होती है।
……
अपने यहां पर खीर
खिलाया जाता है मेहमान को ,
और उल्टा लटका कर पीटा
जाता है शैतान को ।
…….
खीर को
बनाने वाला कम खाता है
और खाने वाले ज्यादा,
कमीनी क्यों लाइन मार रही है ,
क्या है तेरा इरादा ।
……
जो जवानी मे खीर खाकर
गुलछर्रे उड़ाया करती थी ,
वो आज दर्ज भर बच्चों के साथ ,
मेरी दुकान मे आया करती थी ।
…….
मीठी खीर बार बार नहीं खाई जाती ,
हर किसी से दिल्लगी नहीं बनाई जाती ।
…….
“असली दोस्त वही है
जो खीर में मेवा कम निकालें
और जिम्मेदारी सबपर डालें!”
……
अपने प्यार को थोड़ा खीर मे
भी डाल दिया करो ,
अगर हम मांगे बार बार
स्वाद खीर का तो टाल दिया करो ।
…….
घर मे बवाल मत किया कर ,
तू जानती है मैं तुझे दिल से चाहता हूं ,
कैसा है स्वाद है खीर का ,
फिर यह सवाल मत किया कर ।
…….
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मेरी कलम से निकली ये शायरी जिंदगी के हर रंग, हर एहसास – खुशी, गम, इश्क, और उम्मीद की कहानी कहती है। अगर आप भी शब्दों के जादू में विश्वास रखते हैं और शायरी पढ़ना अपनी दिनचर्या का एक प्यारा-सा हिस्सा मानते हैं, तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं।
आपसे है मेरा निवेदन:
मेरे इस ब्लॉग पर आपका स्वागत है। यहां पढ़ी हर एक शायरी को अगर आपको लगे कि ये किसी के दिल को छू सकती है, किसी की जिंदगी में एक मुस्कान ला सकती है, तो उसे अपने फ्रेंड, यार और दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें। आइए, मिलकर शब्दों का यह सफर जारी रखें।
आपका अपना,
शंकर”
“10+ साल के लेखन अनुभव वाला एक शायर दिल। समाचार ब्लॉग्स की दुनिया के बाद, अब पेश कर रहा हूं आपके लिए दिल को छू लेने वाली शायरी। अगर आपको भी है शायरी से प्यार, तो जुड़े रहिए और अपने दोस्तों को भी बताइए। #Shayari #HindiPoetry”
