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दोस्तों जोरू के गुलाम पर 130 मस्त और सुंदर शायरी आपके लिए ।

joru ka gulam par shayari जोरू का गुलाम पर शायरी जोरू का गुलाम शायरी आजकल जोरू के गुलाम पर शायरी काफी अच्छी तरह से फेमस हो रही हैं। यहां पर हम आपको जोरू का गुलाम पर शायरी बता रहे हैं । हम आपको बेस्ट से बेस्ट देने का प्रयास करते है। दोस्तों जोरू का गुलाम वह इंसान होता है , जोकि बस आगे देखता है ना पीछे बस जोरू की बातों के अंदर ही लगा रहता है। उसका सब कुछ कहा मानता है।

अगर तू कहेगी

तो चांद की शेयर करवादेंगे ,

अगर तू कहेगी ,तो

इस दुनिया मे अंधेर करवा देंगे ।

जोरू का गुलाम पर शायरी

……..

कुछ मुझे जोरू का गुलाम कहते हैं ,

कुछ मुझे जिंदगी की शाम कहते हैं ,

मैं आशिक हूं अपनी जोरू का ,

फिर भी मुझे हराम कहते हैं।

……..

जो अपने मां का अपमान करे ,

जो अपने बाप का अपमान करे ,

और झूठ पर भी अपनी बीबी

का सम्मान करे ,

वही असली जोरू का गुलाम है।

joru ka gulam par shayari

………

जोरू का गुलाम हम

बन जाने को तैयार हैं ,

मगर कोई जोरू तो

चाहिए गुलाम करने के लिए ।

…….

जब तक दम है बदन में, तेरा नाम लूँगा,

जोरू तेरे प्यार का, गुलाम बन के रहूँगा।

…….

हर शाम जिदंगी की तेरे नाम करदूंगा ,

जोरू अगर तू साथ चले ,

तो खुशी से तेरा हर काम करदूंगा ।

joru ka ghulam quotes in hindi

…….

तूं जंहा कहेगी वहां जाउंगा ,

तू जब कहेगी तब आउंगा ,

गुलाम हूं तेरा जोरू ,

अपने आप से ज्यादा तुझे चाहूंगा ।

………

जोरू अगर हो खूबसूरत ,

तो गुलामी करने मे भी मजा है ,

नहीं तो फिर जिदंगी ही साली सजा है।

………

जिसके पास नहीं जोरू वो

क्या जाने मजा गुलामी का ,

अक्सर दूसरों की बीबियों पर

टिका रहता है चेहरा उस हरामी का ।

joru ka ghulam funny images

…….

ना खुदा से डरता हूँ, ना किसी और से डर,

बस तेरे इश्क़ में हूँ, तेरे ही हुक्म मे झुकाता हूं सर ।

……….

लोग मुझे जोरू का गुलाम कहते हैं ,

और जिदंगी मे नाकाम कहते हैं ,

मगर करूं तो क्या करूं ,

मगर दिल का यह अंजाम कहते हैं।

…….

एक बार लग गया शराब का चस्का ,

तो फिर आदत छूटती नहीं है ,

जिसको लग गया जोरू का चस्का ,

फिर जिदंगी उसके बिना फूटती नहीं ।

……….

आजकल लुटैरी जोरू हैं ,

दिल भी लुट लेंगी

और दुनिया भी ।

joru ka ghulam funny images

……..

तेरी आँखों की गहराई में, डूब गया हूँ मैं,

हुक्म तेरा सर आँखों पे, मान गया हूँ मैं।

……..

दिल की हर धड़कन पे, तेरा नाम लिख दिया,

जोरू तू ही मेरी, बस तेरा हूँ गुलामिया।

……….

जोरू के प्यार मे मिली मुझे खूब बदनामियां ,

फिर भी चस्का हुस्न का ऐसा लगा ,

की निकल गई कई जवानियां ।

…….

कुदरत ने क्या जोरू बनाई ,

और मर्द को दिखाई ,

मर्द की जीभ ललचाई ,

बस फिर से ही

दुनिया मे बरबादी आई ।

joru ka gulam shayari

……..

जोरू के गुलाम ना

किसी की सुनते हैं ,

ना किसी से कुछ कहते हैं ,

बस सारे दिन अपनी जोरू

के पाले मे फंसे रहते हैं।

……..

कभी गांव की गलियों मे

घूमने वाला छोरा था ,

जब से आई है जोरू ,

जिदंगी हो गई है ,

हराम खोरू ।

…….

भंवरों को कलियां फंसाती हैं ,

मर्द भी क्या करें ,

यह इतना लुभाती हैं।

joru ka gulam shayari

…….

जब से जोरू के गुलाम हुए हैं ,

यारी दोस्ती सब भूल गए ,

दिन रात जोरू मे उलझे रहते हैं ,

तेल लेने अपने वसूल गए ।

……..

आज कल कहां मिलती है

जोरू भी इतनी आसानी से ,

फिर क्यों ना करें मुहब्बत

जान से ज्यादा अपनी रानी से ।

जोरू का गुलाम पर शायरी

……..

हुस्न तेरा तबाही है ,

परेशान इससे हर राही है ,

करें तो क्या करें

जिदंगी बस यही है।

………

सात फेरे और सात

वचन इसको लाने के लिए देये हैं ,

जोरू की गुलामी के लिए ही

तो दिन रात एक किये हैं।

जोरू का गुलाम पर शायरी

…….

जोरू अगर खूबसूरत हो ,

तो गुलाम बनने को भी तैयार हैं ,

नहीं तो फिर बेकार

घर संसार हैं।

……

चाहे कोई जोरू का गुलाम कहे ,

चाहे कोई बदनाम कहे ,

मिले सबको ऐसी जोरू ,

जो आई लवयू हर शाम कहे ।

जोरू का गुलाम पर शायरी

…….

जोरू का प्यार अगर ना मिले ,

तो इंसान प्यासा रह जाता है ,

तवायफों से कभी प्यास

नहीं बुझा करती ।

…….

मस्त अपनी जोड़ी है ,

दुनिया मे ऐसी थोड़ी है ,

यह सिर्फ जोरू ही नहीं

अपनी जिदंगी की रोड़ी है।

जोरू का गुलाम पर शायरी

…….

आने के बाद जोरू ,

लोग अपने मां बाप को

भी भूल जाते हैं ,

क्या करें शक्ति है हुस्न मे

ऐसी एक आह भरे ,

तो फांसी के फंदे पर

झूल जाते हैं।

…….

कभी कभी जोरू की

गुलामी मौत बन जाती है ,

आंखे खोल कर रखो यारो ,

वरना जिदंगी मोंच बन जाती है।

joru ka gulam par shayari

……..

आजकल हर कोई जोरू

बेवफा हो जाया करती है ,

उसके हुस्न के दिवाने ही

इतने हैं कि ,

वह लाखों से इश्क लड़ाया करती है।

……

जो हैं जोरू के सताये हुए ,

उनको प्यार कहां से होगा ,

इस गुलामी से ,

वो तो रहते हैं अक्सर

तड़पाये हुए ।

……

मर्द औरत का गुलाम होता है ,

अगर औरत उसकी पसंद की हो ,

तो उसको पाने के लिए ,

वह दिन रात बदनाम होता है।

…….

नाम सपना है ,

दिल से अपना है ,

वह जोरू नहीं ,

अपने दिल की कल्पना है।

……

तू आजा हम

तेरी गुलामी करने को तैयार हैं ,

चखा दे अपने हुस्न का स्वाद ,

हम इसके लिए खूब बेकरार हैं।

…..

जोरू हो मगर बेवफा ना हो ,

गुलाम हम होने को तैयार हैं ,

बस वो हमसे खफा ना हो ।

…..

जोरू की गुलामी का लोग

मजाक उड़ाया करते हैं ,

मगर हो गई जिस दिन शादी ,

वो खुद जोरू के गुलाम

बन जाया करते हैं।

……

सड़क पर ट्रेफिक होता है ,

अगर घर मे हो वफादार जोरू ,

तो इंसान बेफिक्र होता है।

……

अगर घर मे जोरू ना हो ,

तो घर किस काम का ,

अगर शादी ही ना हो ,

तो जीवन है बस नाम का ।

…….

किसी को जोरू मिलती नहीं ,

बिना भंवरे कली खिलती नहीं ,

बिना दो दिलों के मिलन के

यूं ही जिदंगी चलती नहीं ।

…….

वह रात की रानी है ,

रात को निकलती है ,

जोरू नहीं है वह ,

हुस्न बेचकर चलती है।

……

बहुत असरदार होता है ,

हुस्नवाली जोरू के

होठों का नशा ,

मर्द उसको जल्दी माफ

कर देता है ,

भले ही उसके दिल मे

कोई और हो बसा ।

…….

औरत की फितरत है

बेवफाई करना ,

और मर्द की फितरत है ,

उसे रूसवाई करना ।

……

जब हम जोरू के गुलाम थे ,

तो मस्त कलंदर उसके आम थे ,

जिस वक्त छोड़ा जोरू को ,

तो खुद हद से ज्यादा बदनाम थे ।

…….

उल्टी गंगा कभी बहती नहीं ,

बिना गुलाम बने कोई खूबसूरत

जोरू अपने यहां रहती नहीं ।

…..

लोग कहते हैं जोरू की गुलामी बुरी है ,

मगर उन्होंने कभी असली दिवाना नहीं देखा ,

हम तो खुद को तेरा गुलाम मानते हैं ,

आज तक बिना गुलामी के कोई

अपसाना नहीं देखा ।

……

तेरे इश्क़ की ज़ंजीरें पहनने का इरादा था,

वर्ना इस दिल को किसी का गुलाम होना मंज़ूर नहीं।

तूने पूछा “क्यों झुकी है नज़र?” तो क्या जवाब दूँ,

दिल खुश करना चाहते हैं तेरा ,

इसलिए मुहब्बत का ठुकराना मंजूर नहीं ।

……..

हर एक बंदिश को चूमता हूँ तेरे इश्क़ की,

ये गुलामी भी मुझे आज़ादी सी लगती है।

तेरे ख़्वाबों की दुनिया में कैद होकर भी,

ये ज़िन्दगी मुझे जन्नत सी लगती है।

……

ना कोई शिकवा करेंगे ,

ना कोई गिला करेंगे ,

गुलाम बनकर अक्सर

तुझ से मिला करेंगे ।

……

तेरी गुलामी भी मुझे

रास आ रही है ,

तुझे अपना खुदा मानेंगे

जब तक हमको सांस आ रही है।

……

किस्मत वाला हूँ मैं जो तूने चुन लिया गुलाम बनाकर,

कोई और होता तो महलों का बादशाह बन जाता।

वह अपनी मर्जी से पानी की तरह बहता

और अपने आप रास्ता बन जाता ।

…….

हम तो जीते हैं तेरी एक झलक

पाने के लिए ,

चाहे हमें अपना गुलाम बनाले ,

सब कुछ करेंगे तेरा होने के लिए ।

……..

तुझ से शादी की है ,

तुझ से दोस्ती की है ,

गुलाम बना चाहे ,

राजा बनादे ,

यह सबकुछ तुझ

से सोच के की है।

…….

तेरे संग सफर जिदंगी

का हसीन हो जाए ,

जोरू का गुलाम अगर बनजाओगे ,

तो यह जिदंगी रंगीन हो जाए ।

……..

हो गुलाब सी  तू, और मैं हूँ तेरा गुलाम,

तेरी हर अदा पे निछावर है दिलो-जान ।

……

तेरे हाथों का गुलाम हूँ, तू गुलाब है मेरे लिए,

जिदंगी मे सकून है सकून है यारा ,

जब से तेरे संग 7 फेरे लिए ।

……

गुलाब की पंखुड़ी सा नाजुक है दिल मेरा,

अपने दिल का गुलाम बना लेना ,

प्यार अटल हम मेरा ।

…….

तू कली है कचनार की ,

जिदंगी है तू बहार की ,

अपना गुलाम बनाकर

खुशियां देना हमें इस संसार की ।

…….

गुलामों के लिए

हुस्न की मलिका है तू ,

किसी के लिए कुछ भी ना हो

मगर मेरे दिल की कनिका है तू ।

…….

टमाटर जैसे तेरे गाल हैं ,

मस्त तेरे बाल हैं ,

हर किसी को अपना गुलाम

बना लेने के लिए तेरे हुस्न के जाल हैं।

……..

जोरू का गुलाम

नहीं हूं मैं ,

सपोर्ट करता हूं

अपनी बीबी को ,

बेईमान नहीं हूं मैं ।

…….

जोरू को सपोर्ट करने

वालों का हश्र देखा हमने ,

मार कर लात चली गई ,

किसी के दिल पर चला

इतना गहरा वज्र देखा हमने ।

…….

दिल का राज किसी को

बताएंगे नहीं ,

आजा मेरी गुलाबी परी ,

तेरे बाद किसी को चाहेंगे नहीं ।

……..

अगर बीबी खूबसूरत हो ,

तो गुलाम बनने मे कोई हर्ज नहीं ,

उसकी एक मुस्कान से न जाए

ऐसा कोई मर्ज नहीं ।

……

बेचारा जोरू का मारा है ,

शौक पूरे करने के लिए

बना हत्यारा है।

…..

कोई नीले ड्रम मे बंद करती है ,

तो कोई पराये मर्द को पसंद करती है।

यही है जोरू का असली चरित्र ,

जो बस आस पास गंद करती है।

……

सोने के अक्षरों मे लिखेंगे

तेरी और मेरी कहानी को ,

कोई कुछ कैसे कहदे तुझे ,

सीने से लगाकर रखेंगे अपनी रानी को ।

………

जब जोरू पास होती है ,

तो दूर जाने का मन करता है ,

जब दूर होती है ,

तो पास आने का जतन करता है।

…….

कुछ जोरू के गुलाम हैं ,

कुछ बने बनाए श्मशान हैं ,

हमें क्या मतलब ,

हम तो बस दो दिन के मेहमान हैं।

……..

जोरू और मैं

दोनों की जोड़ी बड़ी मस्त है ,

यह गुलाम आशकी देखकर

दुनिया सारी त्रस्त है।

……

इस जन्म का नहीं

हर जन्म का साथी है तू ,

मेरे जीवन का दीया

और बाती है तू ।

…….

लोगों को हम जोरू

के गुलाम लगते हैं

तो गुलाम ही सही ,

अगर दुनिया वाले

हमसे परेशान हैं तो परेशान ही सही ।

……..

उसकी और मेरी

जोड़ी निराली है ,

हम जोरू के गुलाम

और वह अपनी ख्याली है।

……..

जी करता है ,

बे मौसम मे भी

तेरा गुलाम बन जाउं ,

जो खुशियों से भरदे

तेरे लिए ऐसी शाम बन जाउं ।

…….

तू मेरे सपनों की रानी है ,

मैं गुलाम तेरा सदा रहूंगा ,

यह मेरी मुख जबानी है।

……..

वो जोरू ही नहीं

सिकंदर है अपना ,

दिल मिल गया एक बार ,

तो सब कुछ अंदर है अपना ।

……..

जोरू का गुलाम दुनिया

कहती है हमें सारी ,

फिर भी अपने प्यार

की खूबसूरती सब पर भारी ।

…….

कोई दो दिन प्यार करके

छोड़ देता है ,

कोई बिना बात के रिश्ता तोड़ देता है ,

एक वफादार औरत के लिए

मर्द सब कुछ छोड़ देता है।

……

मर्द को औरत से

वफादारी चाहिए ,

और औरत को मर्द

से फरारी चाहिए ।

……

जॉब हो सरकारी ,

जोरू हो लुहारी ,

तो कैसे चलेगा ,

अपना गारी ।

………

औरत जात सब

धोखे बाज नहीं होती ,

क्यों रोते हो बेवफा जोरू के लिए ,

बिना औरत जिदंगी लाइलाज नहीं होती ।

………

लोग दूर से आते हैं ,

अपनी जोरू से मिलने के लिए ,

जिदंगी की कुछ खुशियां होती

ही हैं खिलने के लिए ।

……..

तेरी गुलामी हम खूब सहेंगे

एक बार प्यार करले हमें भी

फिर किसी से ना कहेंगे ।

…….

अपने तो बहुत सताते हैं ,

मगर आजकल जोरू वाले ,

बस माला माल बनाते हैं।

………

कुछ साथी झूठी हम दर्दी जताते हैं ,

कुछ अपने घर की बरबादी खुद

बनाते हैं।

……..

यह जिदंगी भी मौत से कम नहीं ,

एक बार पूरी तरह से जोरू के गुलाम

बन जाएं ,

फिर अगर मर गए तो भी कोई गम नहीं ।

…….

तेरे हर सितम को सहने के लिए तैयार हैं ,

और नहीं तो अपना गुलाम ही हमें रखले ,

तेरे लिए सब कुछ कहने को तैयार हैं।

……..

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