काली बिंदी पर शायरी kali bindi shayari in hindi दोस्तों आपको हम यहां पर काली बिंदियां पर शायरी के बारे मे बता रहे हैं। और उम्मीद करते हैं , कि आपको यह जरूर ही पसंद आएगी । यदि आप अपने दोस्तों या यारों को काली बिंदिया पर शायरी को शेयर करना चाहते हैं , तो कर सकते हैं। यह आपको जरूर ही पसंद आएगी ।
आज फिर वह काली बिंदिया लगाकर आई है ,
सामने हमारे फिर से मुस्कुराकर आई है।
…….
काली तेरी बिंदी काले तेरे बाल ,
दिल का रखते हैं बहुत ख्याल ।

……
काली बिंदी मे हसीन लगती हो ,
पहनकर जब चलती हो काला सूट ,
बड़ी क्वीन लगती हो ।
…….
बिंदी तेरी काली है ,
मस्त तेरी डाली है ,
जिसे बार बार गाने का जी
करे तू वो क्वाली है।

……
तेरे कानों के झूमके पर
काली बिंदी कमाल लगती है ,
तू जब चलती है हंसके ,
बड़ी हलाल लगती है।
……
काली बिंदी गौर बदन पर ,
देखने तुझे दुनिया चढ
गई है अपने सदन पर ।

…….
मस्त नैनों मे खोई हुई ,
काली बिंदी लगती है ,
आज जैसे खूबसूरती
बोई हुई।
……
हुस्न का जाल है तू ,
काली बिंदी मे और
कमाल है तू ।
…….
खुद को हद से ज्यादा संवारती है ,
काली बिंदी उसको निखारती है ,
जब देखता हूं उसकी तरफ ,
दिल की दुनिया हिल्लोरे मारती है।

…….
सपने मे तेरा प्यारा चेहरा नजर आता है ,
उसपे काली बिंदियों का डेरा नजर आता है।
…….
ना अब किसी पर एतबार रहा ,
ना अब किसी से प्यार रहा ,
कितनी भी तू आ काली बिंदी लगाकर
हमें ना अब तेरे से कोई सरोकार रहा ।
……..
काली बिंदिया का कमाल था ,
तभी तो आज पार्टी मे
इतना धमाल था ।

…….
नज़रों की चुभन का इशारा है वो,
काली बिंदिया तो दिल का दरिया है वो।
जिसमे डूब मरने का जरिया है वो ।
……..
चांद की चांदनी देखी ,
काली बिंदिया मे आज हमने
इक साटनी देखी ।
…….
चेहरे पे खिलता है एक फूल सा,
तेरी काली बिंदिया बना देती है
इस दिल को कूल सा ।
……
तेरे नाम की काली बिंदिया लगाती हूं ,
तुझे दिखाने के लिए इतना
खुद को बनाती हूं ।
……
यह काली बिंदिया तुझे
हर वक्त याद आएगी ,
जब मैं रोउं तो समझ
जाना फिर से बरसात आएगी ।
……
काली बिंदिया तेरी, गहरी नदिया सी है।
इस में डूब कर तो, जिंदगी भर न निकलूं।

……..
वो काली बिंदिया, वो मासूम सी सूरत।
दिल लूट लेती है, बनके एक मूरत।
……
बिंदिया तेरी काली, पर दिल मेरा साफ़ है।
तू चाहे जो करले तेरे लिए हर सजा माफ है।
……..
काली बिंदिया तेरे माथे की रौनक़ है,
जैसे चाँद पर सजा हो कोई टीका।
तेरे बिना दिल ना लगे
लगता है सब कुछ फीका ।

……
तेरे बिना गुजारा होता नहीं ,
दिल तेरे बिना सोता नहीं ,
जब तक ना देखूं इस काली
बिंदिया को ,
कुछ कुछ होता नहीं ।
…….
तेरी यह काली बिंदिया मेरे लिए है ,
और मेरा प्यार तेरे लिए है।
……..
सब्र अब हमको रहा नहीं ,
बिना काली बिंदिया के ,
आई तो उसने कुछ कहा नहीं ।

…….
तेरी काली बिंदिया के ईशारे ,
नदियों के किनारे ,
अक्सर लगते हैं बहुत प्यारे ।
……
आंखों आंखों से बात होती है ,
अक्सर वह हद से ज्यादा
हसीन लगती है ,
जब काली बिंदी पर बरसात होती है।
…….
काले फूल खिलते हैं आजकल ,
वो काली बिंदिया लगाकर
मिलते हैं आजकल ।

……
रात के अंधेरे मे ,
दिन के सवेरे मे ,
जब आती है तू काली बिंदी के साथ ,
तो सब कुछ भूल जाता हूं ,
तेरे प्यार के घेरे मे ।
……
काली बिंदी
और गौरे गाल ,
बुरा बना दिया तूने
हमारा हाल ।
…….
तेरी काली बिंदी बहुत
कुछ सीखा रही ,
और कुछ नहीं तो दूर
खड़ी हमें बहका रही ।

……
दिल है समंदर
इसके अंदर डूबके मरना है ,
पहले ही मर जाते हैं ,
तेरी काली बिंदी देखकर
ना सूख के मरना है।
…….
सुन बे काली बिंदी वाली ,
हमारी सांसे अभी बाकी हैं ,
तुझे अपना बनाने के लिए
बस कुछ लाशें अभी बाकी हैं।

……..
सारा इस काली बिंदिया का
कमाल था ,
तभी तो रात को वो
बवाल था ।
……
काली बिंदयां और
तेरे चेहरे की मुस्कान ,
निकाल देती है मेरी जान ।

…….
दिल को सकून देती है ,
तेरी काली बिंदी ,
अक्सर तुझे देखकर
तुझ से मिलाने के लिए ,
खुदा से करने लगता हूं विनती ।
…….
मैंने सब कुछ अपना खो दिया ,
जब वह काली बिंदी वाली ,
किसी और की होने लगी ,
तो मैं भी दिल से रो दिया ।
…….
आंखों मे आंसू ना हो तेरे कभी ,
अरमान पूरे हो जाएं तेरे सभी ।
……
दिल का हाल मत पूछो हमारे ,
पता नहीं उस काली बिंदिया
वाली के संग जाएंगे किनारे ।
…….
हर आशिक चाहता है ,
वो तेरा हो जाए ,
तू काली बिंदी लगाकर आए ,
और फिर अंधेरा हो जाए ।
…….
खुद को हद से ज्यादा
सजाया ना कर ,
लगाकर काली बिंदी ,
हमें सताया ना कर ।
……
जब तुम अपने माथे पर
काली बिंदी लगाती हो ,
तो मदहोशी बिखराती हो ।
……
वो काली बिंदी, माथे की शान है,
दिल के अरमानों की जुबान है।
छुपा लेती है वो ख्वाब कितने,
जैसे चाँद में छुपी हर शाम है।
…….
शाम को मिलने का वह वादा कर गई ,
आई थी काली बिंदी मे ,
हमसे मुहब्बत करने का इरादा कर गई ।
……
काले हुस्न पर
काली बिंदी सजाती है ,
फिर आंख मार मार के
आशिकों की बैंड बजाती है।
…….
काली बिंदी वाली, तू क्या कमाल है,
हर एक अदा पे दिल ये फिदा है,
दिल जला देने वाली तेरी हर इक अदा है।
…….
काली बिंदी लगाए हो तुम,
दिल की गहराइयों को छुपाए हो तुम।
हर देखने वाली नज़र को बांध लो,
बस एक बिंदी से दिल जीत लाए हो तुम ।
……..
काली बिंदी, गोरी का शृंगार,
देखते ही दिल हो जाए बेकरार।
…….
हुस्न की तक़रीर है वो बिंदी,
इश्क़ की तहरीर है वो बिंदी।
चेहरे पे जब आ जाए बैठ,
दिल की तस्वीर है वो बिंदी।
…….
काले काले चांद की
काली रात होती है ,
अक्सर उस काली बिंदिया
वाली से बात होती है।
………
जब बोलती है ,
तो मुस्कुराती है ,
लगाकर काली बिंदी ,
इतराती है।
…….
कुछ सुहाने पल
उसके साथ जी लेते ,
अगर वो प्यार से जहर भी देते ,
तो हम पी लेते ।
…….
काली बिंदी हो जैसे फूलों का गुलदस्ता ,
कर देता है मेरी हालत खस्ता ।
……..
काली बिंदिया दिल का अरमान है ,
बिना इसके जीवन श्मशान है।
…….
काली तेरी बिंदी ,काले तेरे अरमान ,
दिल जला डालते हैं यह बेईमान ।
……..
अंदर से पूरी तरह से राख हो गया हूं मैं ,
दिल तो तेरी काली बिंदिया को चूमने का करता है ,
मगर अब तो खाक हो गया हूं मैं ।
…….
चेहरे पर मुस्कान लिए ,
दिल को विरान लिए ,
काली बिंदिया वाली के लिए जी रहा हूं ,
बस अपनी जान लिये ।
……
वो काली बिंदी जो सजाती है माथा,
आशिकों को जला जला कर कर देती है आधा ।
…….
श्मशान मे जलने के बाद ,
कुछ दूर चलने के बाद ,
उसे वफा याद आती है ,
जिदंगी का चांद ढलने के बाद ।
…….
काली बिंदिया काले तेरे बाल ,
और कितनो को बरबाद करेगी
अरे छीनाल ।
……
मौसम आज बेईमान है ,
दिल तेरे पर कुर्बान है ,
सुन बे काली बिंदी वाली ,
प्यार तुझ से ही करेंगे ,
जब तक हमारे अंदर जान है।
…….
इक तो तेरी यह काली बिंदिया ,
उपर से काले बादल ,
दिल को कर देते हैं और पागल ।
……..
तुझे दिल से पाना चाहते हैं ,
काली बिंदिया लगाकर ,
तेरे घर आना चाहते हैं।
…….
होंठों की मुस्कान ,
काली बिंदिया मे जान ,
करती है सबको हैरान ।
……
तेरे हुस्न का दीवाना बन जाउं ,
लगाकर काली बिंदिया मैं भी ,
इक तराना बन जाउं ।
……
काली बिंदी वाली, तू क्या कमाल है,
तेरे बिना तो ये दिल बेहाल है।
…….
माथे की शोभा, नैनों की बात है,
काली बिंदी तो उसकी सौगात है।
…….
काली बिंदी और लबों पर मुस्कान ,
जी करता है कर जाएं सब कुछ कुर्बान ।
……
काले रंग से प्यार करते हैं ,
हर काली बिंदिया वाली का
रात को अक्सर इंतजार करते हैं।
……..
दिल की हस्ती को मिटा नहीं सकते ,
काली बिंदिया मे है वो ,
उसे दिल से हटा नहीं सकते ।
…….
दिल तेरा दिवाना है ,
काली बिंदी मे तू हद
से ज्यादा मस्ताना है।
…….
मेरा दिल कहता है,
तू मेरे दिल मे रहता है।
……..
काली बिंदी की सजा, नजरों में शरारत है,
वो दिलरूबा है कोई, ये तो बस उसकी इमारत है।
……
काले घुंघराले बाल तेरे ,
स्तन हैं विशाल तेरे ,
आस पास मशहूर हैं ,
किस्से कमाल तेरे ।
……..
तू सागर है
और मैं प्यासा ,
लगाकर आना काली बिंदी ,
दिल बहल जाएगा अच्छा खासा ।
……
खो जाता हूँ मैं उसकी हर एक अदा में,
ये क्या जादू है, कोई बतलाओ तो ज़रा
काली बिंदी पर और इतराओ जरा ।
……
दिल की दुनिया को बरबाद करके ,
दुश्मनों के घर के आबाद करके ,
कहां चली काली बिंदी को साध करके ।
……..
तिल-सी काली बिंदी, चेहरा चाँद-सा दमकता,
दिलरूबा वो हसीन, जिसे देख दिल धड़कता।
……..
काली बिंदी वाली, ओ मेरे दिल की रानी,
तेरी हर एक अदा पे मरता है जवानी।
……..
काली बिंदी और
काले होठों से ,
आजकल अक्सर
लड़कियां पसंद करती हैं
खूब सारे नोटों से ।
…….
दिल करता है ,
तेरी काली बिंदियां को
चूम लूं ,
खो कर तेरे प्यार मे
तेरी गलियों मे घूम लूं।
……
काली बिंदियां गौरे चेहरे पर ,
हसीन बहुत लगती है ,
दूर से तेरी जिदंगी
यारा रंगीन बहुत लगती है।
…….
वो काली बिंदी है जादू का सा एक खज़ाना,
उसे देखते ही लगता है दिल को मरहम लगाना।
……..
तेरी काली बिंदी ने, मेरा सब कुछ लूट लिया,
आवारा आशिक समझ कर ,
तेरे मोहल्ले वालों ने कूट लिया ।
…….
माथे की वो बिंदी, काली स्याही सी खूबसूरत,
लिख देती है दिल पर, एक ऐसी मोहब्बत की सूरत।
……
काला इश्क है ये, नहीं कोई रौशनी दूर तक,
तेरी यह काली बिंदिया लेकर जाती है ,
काली हूर तक ।
……
तेरे संग मौत भी हसीन होगी ,
जब तू काली बिंदिया लगाकर आएगी ,
और जिदंगी रंगीन होगी ।
……..
अब तो आदत सी हो गई है, तन्हाईयों में जीने की।
जब से निकली है काली बिंदी बेवफा ,
तब से लत लग गई है पीने की ।
……
जो कभी कली थी किताबों की ,
जो कभी खुशबू थी बागों की ,
आज काली बिंदी लगाकर
किसी और की बन चुकी है रानी
ख्वाबों की ।
…….
वह कोठे वाली के नाम से मशहूर है ,
मगर कुछ के लिए काली बिंदी वाली हूर है।
…….
थोड़ा गम भी पी लिया करो ,
लगाकर काली बिंदी कभी
तो बिंदास जी लिया करो ।
…….
वो काली बिंदी, वो लाजवाब सूट तेरा,
अक्सर हमारे घर के पास से है रूट तेरा ।
……
सूट है लाजवाब और बिंदी में है जादू,
अगर तू नहीं मिली तो बन जाउंगा साधू।
……..
ये काली बिंदी तो जैसे इश्क़ का इज़हार है,
कैसे भूल जाउं तुझे ,
तेरी हर अदा से मुझे प्यार है।
……..
काले काले रंग का सूट ,
काले रंग की तेरी बिंदिया ,
उड़ा देती है मेरी निंदिया ।
…….
जिदंगी अगर बर्फ हो ,
काली बिंदिया मे फिर
कैसे ना फर्क हो ।
……..
सूट की शान ही कुछ और, बिंदी की मस्ती और,
तेरे हुस्न का हो रहा सब तरफ शौर ।
…….
तू बदनाम करेगी तो होने के लिए तैयार हैं ,
तू अगर काले काम करेगी ,
तो करने के लिए तैयार हैं ,
एक बार मुस्कुरा देना काली बिंदी मे
सब तरफ तेरे यार हैं।
……..
हुस्न की मालकिन है ,
काली बिंदी वाली
बहुत खुंखार नागिन है।
……..
तू रानी है बागों की ,
मैं ढेर हूं धागों का ,
काली बिंदी लगाकर आना ,
यह मोसम है शराबों का ।
……..
वो काली बिंदी जिसे देखा तो सोचा था इमान ,
पता चला वो भी तो एक बेवफा इंसान ।
…….
तेरी काली बिंदी पे फिदा थी मेरी नज़र,
मगर तूने तो अपने ही घर मे बनादी मेरी कब्र ।
……
काली बिंदी वाली कोई बेवफा निकली,
अब हर काले रंग से डर सा लगता है।
……
सजी थी काली बिंदी से, पर दिल था काला उसका,
हम समझे थे मोहब्बत, वो तो एक धोखा था उसका ।
……..
तुम्हारी काली बिंदी अब मुझे डराती है,
वो बेवफा साली पता नहीं
क्या क्या करवाती है।
…….
कहते हैं बिंदी सौभाग्य की निशानी होती है,
मगर वो तो काल नेमी है ,
जिससे सभी को परेशानी होती है।
…….
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“नमस्ते, मैं हूं शंकर। शब्दों की दुनिया में मेरी यात्रा के एक दशक पूरे हो चुके हैं, जहां मैंने विभिन्न प्रमुख समाचार ब्लॉग्स के लिए लेखन किया है। लेकिन समाचार की औपचारिकता और तथ्यों के बीच, मेरे मन का एक कोमल कोना हमेशा से शायरी के लिए ही धड़कता रहा है।
मेरी कलम से निकली ये शायरी जिंदगी के हर रंग, हर एहसास – खुशी, गम, इश्क, और उम्मीद की कहानी कहती है। अगर आप भी शब्दों के जादू में विश्वास रखते हैं और शायरी पढ़ना अपनी दिनचर्या का एक प्यारा-सा हिस्सा मानते हैं, तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं।
आपसे है मेरा निवेदन:
मेरे इस ब्लॉग पर आपका स्वागत है। यहां पढ़ी हर एक शायरी को अगर आपको लगे कि ये किसी के दिल को छू सकती है, किसी की जिंदगी में एक मुस्कान ला सकती है, तो उसे अपने फ्रेंड, यार और दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें। आइए, मिलकर शब्दों का यह सफर जारी रखें।
आपका अपना,
शंकर”
“10+ साल के लेखन अनुभव वाला एक शायर दिल। समाचार ब्लॉग्स की दुनिया के बाद, अब पेश कर रहा हूं आपके लिए दिल को छू लेने वाली शायरी। अगर आपको भी है शायरी से प्यार, तो जुड़े रहिए और अपने दोस्तों को भी बताइए। #Shayari #HindiPoetry”
